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हरियाणा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समावेशी विकास पर जोर, अनुराग रस्तोगी ने की समीक्षा

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जरूरी कौशल से लैस होंगे शिक्षक

मुख्य सचिव ने की विशेष शिक्षा पाठ्यक्रमों और संस्थानों की प्रगति की समीक्षा

न्यूज़म ब्यूरो

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चंडीगढ़, 1 मई। हरियाणा सरकार विशेष क्षमताओं वाले व्यक्तियों के समावेशी विकास और सशक्तिकरण को लेकर बेहद संजीदा है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि बी.एड.और डी.एल.एड. पाठ्यक्रम से निकलने वाला प्रत्येक शिक्षक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान करने, उन्हें सहयोग देने और प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल से लैस हो। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों के पाठ्यक्रम में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे समावेशी शिक्षा को मजबूत किया जा सके और भावी शिक्षकों को ऐसे बच्चों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।

इसी कड़ी में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां राज्य में संचालित विशेष शिक्षा पाठ्यक्रमों और पुनर्वास संस्थानों के कार्य और शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश के विभिन्न संस्थानों में इस समय 300 से अधिक प्रशिक्षु शिक्षक विशेष शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकित हैं, जिससे विशेषीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और विस्तार मिलेगा।

सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ जी.अनुपमा ने बताया कि राज्य के डाइट संस्थानों में शिक्षकों को ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, डाउन सिंड्रोम और सीखने से संबंधित कठिनाइयों जैसी विभिन्न स्थितियों की पहचान और हस्तक्षेप के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे पुनर्वास क्षेत्र में राज्य की मानव संसाधन क्षमता और मजबूत होगी। साथ ही वर्तमान में कार्यरत सभी शिक्षकों को भी डाइट संस्थानों में खास तौर पर तैयार किए गए पाठ्यक्रम के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शुरुआती पहचान और हस्तक्षेप के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बैठक में विशेष शिक्षा के क्षेत्र में कुशल पेशेवर तैयार करने और विशेष क्षमताओं वाले व्यक्तियों के लिए बेहतर पुनर्वास व सहयोग सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया गया।

विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार से न केवल विशेष क्षमताओं वाले व्यक्तियों के लिए शिक्षा की पहुंच बेहतर होगी, बल्कि समावेशी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होगा।

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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