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नए बेअदबी कानून के तहत एफआईआर दर्ज करने सहित मान के इस्तीफे की मांग : पंजाब कांग्रेस

पंजाब कांग्रेस ने बेअदबी मामले में भगवंत मान के खिलाफ हमला और तेज किया

श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार भगवंत मान के पूर्ण सामाजिक बहिष्कार की अपील

पार्टी ने फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाने वाले दो पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की

वड़िंग, चन्नी, रंधावा, खैहरा, परगट और सिंगला ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया

न्यूज़म ब्यूरो 
चंडीगढ़, 24 जून। कांग्रेस ने गुरू साहिबानों की बेअदबी के मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ अपना हमला और तेज करते हुए, उनके तत्काल इस्तीफे तथा नए बेअदबी कानून के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

इस दौरान पार्टी ने लोगों से अपील की कि वे श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार भगवंत मान का पूर्ण सामाजिक बहिष्कार करें। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सिख पंथ और गुरु साहिबान हर चीज से ऊपर हैं, जिनमें राजनीतिक दलों के आधार पर होने वाले विभाजन भी शामिल हैं।

इसके अलावा, पार्टी नेताओं ने पंजाब पुलिस के उन दो अधिकारियों को भी बर्खास्त करने की मांग की, जिन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब को गलत साबित करने के लिए कथित तौर पर एक झूठी और मनगढ़ंत “फोरेंसिक” रिपोर्ट तैयार करवाई। उन्होंने कहा कि इन दोनों अधिकारियों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए और श्री अकाल तख्त साहिब को झूठा साबित करने की कोशिश करने के आरोप में इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जानी चाहिए।

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पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आज एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक सुखपाल सिंह खैहरा और परगट सिंह तथा एआईसीसी के संयुक्त कोषाध्यक्ष विजय इंदर सिंगला शामिल थे।

इस अवसर पर बोलते हुए, राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग पर पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर माफी मांगनी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गुरुग्राम में एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी संदेह दूर हो गए हैं कि आम आदमी पार्टी सरकार अपने झूठ को छिपाने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि आप के कुछ नेताओं को भी एहसास हो गया था कि उनसे एक ऐसे मामले का बचाव करवाया जा रहा है, जिसका बचाव संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने पार्टी की एक बैठक में यह आपत्ति जताई थी कि उन्हें एक कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए क्यों कहा गया।

वड़िंग ने हरियाणा की भाजपा सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए और कहा कि पहले वहां की पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था।

चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि भगवंत मान लगातार गलतियां करने वाले नेता साबित हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जुड़ी कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान मामला सबसे अधिक ना माफी योग्य है।

मुख्यमंत्री के बहिष्कार संबंधी पार्टी की मांग को दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि हर सिख का कर्तव्य है कि वह श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करे और भगवंत मान का बहिष्कार करे। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस का कोई भी नेता या कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के साथ न तो निजी और न ही राजनीतिक संपर्क रखेगा।

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चन्नी ने कहा कि भगवंत मान को इस्तीफा देना ही चाहिए, क्योंकि उन्होंने सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार को चुनौती देने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए, चन्नी ने कहा कि उनके खिलाफ बेअदबी कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने बार-बार सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब को गलत साबित करने के लिए 10 लाख रुपये तक खर्च किए।

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पार्टी इस बात पर एकमत है कि भगवंत मान इस्तीफा दें और उनके साथ-साथ हरपाल चीमा, बलतेज पन्नू तथा उन दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए, जिन्होंने कथित रूप से श्री अकाल तख्त साहिब को गलत साबित करने की साजिश रची।

उन्होंने यह भी जांच कराने की मांग की कि कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए 10 लाख रुपये कहां से आए। इसके अलावा उन्होंने सवाल किया कि 28 हजार रुपये प्रतिदिन प्रति कमरे वाले होटल के बिल किसने चुकाए।

विजय इंदर सिंगला ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि यही आम आदमी पार्टी पहले पुराने बेअदबी मामलों में न्याय दिलाने के नाम पर वोट मांगती रही है, लेकिन अब वह श्री अकाल तख्त साहिब से टकराव के रास्ते पर चल रही है।

परगट सिंह ने कहा कि सिख संस्थाओं को कमजोर करने के मामले में आम आदमी पार्टी ने अकालियों को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने डीजीपी से अपील की कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के खिलाफ लगातार चलाई जा रही कथित दुष्प्रचार मुहिम के मामले में एफआईआर दर्ज की जाए।

सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि भगवंत मान सीधे तौर पर श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफे और नए बेअदबी कानून के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग दोहराई।

उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद ने भगवंत मान को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के पास ऐसी कई अन्य वीडियो भी मौजूद हैं। उनका आरोप था कि यह विशेष वीडियो 2021 से पहले ही केजरीवाल के पास थी और वह इसे मान के खिलाफ इस्तेमाल करना चाहते थे, क्योंकि वह अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे।

खैहरा ने भगवंत मान को लगातार गलतियां करने वाला नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने कई अवसरों पर अनुशासन का उल्लंघन किया है।

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