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राहुल गांधी कर लें हरियाणा में डिबेट, हमारे युवा मोर्चाध्यक्ष से पूछ लें सवाल, मैं करवाऊंगा जगह उपलब्ध : नायब सैनी

कहा- आरोप लगाने के बजाय चुनाव आयोग या अदालत में जाए कांग्रेस,

किसानों की फसल खरीद और भुगतान को लेकर पंजाब सरकार पर भी साधा निशाना, बोले- हरियाणा में 48 से 72 घंटे में हो रहा भुगतान

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 6 नवंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से डिबेट की चुनौती दिए जाने पर जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी हरियाणा में आकर डिबेट कर सकते हैं। इसके लिए प्रदेश में जगह उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे युवा मोर्चा के अध्यक्ष वहां जाएंगे, और राहुल से सवाल करेंगे। ऐसा नहीं हो सकता कि एक तरफ से केवल झूठ बोला जाए और फिर भागकर चले जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई परेशानी है तो उसे मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और अदालतों के दरवाजे भी खुले हैं। कांग्रेस वहां जाकर अपनी बात क्यों नहीं रखती? केवल घर बैठकर और लोगों को दिखाने के लिए आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत जारी होने वाली राशि के हस्तांतरण करने के बाद हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सरकार की योजनाओं, किसानों की फसल खरीद और कांग्रेस के आरोपों सहित विभिन्न मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, वित्त विभाग के ACS सुधीर राजपाल, सेवा विभाग की ACS डॉ जी अनुपमा, ACS विजयेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव अजय कुमार एवं उप प्रधान सचिव डॉ यशपाल, खाद्य आपूर्ति विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, आयुक्त एवं सचिव के मकरंद पांडुरंग, खाद्य आपूर्ति विभाग के DG अंशज सिंह, DPR डॉ आदित्य दहिया, IAS मुकुल कुमार, IAS कैप्टेन मनोज कुमार, कैप्टेन मनीष कुमार लोहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास आज जनता के बीच जाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए वह वोट चोरी के नाम पर देश को गुमराह करने और लोकतंत्र तथा चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस को यदि कहीं किसी मतदाता का नाम कटने या गलत दर्ज होने की शिकायत है, तो चुनाव आयोग ने इसके लिए पूरी प्रक्रिया निर्धारित की है। मतदाता सूची सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराई गई है और एक महीने का समय भी दिया गया था कि कोई गलती होने पर निर्धारित फॉर्म भरकर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके बावजूद कांग्रेस जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। देश की जनता सब देख रही है और अब वह इनके बहकावे में आने वाली नहीं है। वोट चोरी नहीं हुई, इनके जो कारनामे थे, ये उसी का परिणाम है। लोग तो अब ये कह रहे हैं कि काँग्रेस को तो पार्टी बंद कर देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बुजुर्गों को छह-छह महीने तक पेंशन नहीं मिलती थी। बुजुर्गों को अपनी पेंशन के लिए परेशान होकर सरकारी दफ्तरों और नेताओं के दरवाजों के चक्कर काटने पड़ते थे। कई बार लोग उनके दरवाजों के बाहर धूप में खड़े रहते थे, लेकिन उनकी परेशानी पूछने वाला भी कोई नहीं होता था। कांग्रेस के नेता आज वोट चोरी की बात करते हैं, लेकिन उन्हें अपने शासनकाल में गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों के साथ किए गए व्यवहार का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस के समय गरीब व्यक्ति को 200 रुपये का लाभ पहुंचाने की बात होती थी, लेकिन उसमें से 150 रुपये कहां चले जाते थे, इसका किसी को पता नहीं चलता था और गरीब के हाथ में केवल 50 रुपये आते थे। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब व्यक्ति को उसका पूरा हक सीधे उसके बैंक खाते में पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक देश पर शासन किया। देश की जनता ने उन्हें एक नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों तक अवसर दिया। लोगों ने सोचा कि शायद अगली पीढ़ी देश के लिए कुछ करेगी, लेकिन हालात नहीं बदले। दादा और पोते के समय में भी वही ढ़ाक के तीन पात वाली स्थिति रही। कांग्रेस के पास सत्ता में रहते हुए भी देश के विकास के लिए कोई ठोस विजन नहीं था और आज भी उसकी राजनीति केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। कभी काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करते हैं, कभी धरने पर बैठते हैं और अब चौपालों की याद आ रही है।

कांग्रेस ने गरीबी हटाओ के केवल नारे दिए, मोदी सरकार ने 50 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला  

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 55 वर्षों तक गरीबी हटाओ का नारा दिया, लेकिन गरीबों की गरीबी दूर नहीं कर पाई। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में 50 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया गया है। गरीबों को पक्के मकान मिले, घरों में गैस सिलेंडर पहुंचे, रसोई तक स्वच्छ जल पहुंचा और बिजली की सुविधा उपलब्ध हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन देने का काम किया है। कांग्रेस के नेता बताएं कि अपने 55 वर्षों के शासनकाल में उन्होंने गरीबों के लिए क्या किया?

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर योजना गरीबों के विश्वास की गारंटी है, किसानों के विश्वास की गारंटी है, महिलाओं के सशक्तिकरण की गारंटी है और युवाओं को आगे बढ़ाने की गारंटी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से अब तक 24 किस्तों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। कांग्रेस ने किसानों के बीच यह झूठ फैलाया कि मोदी सरकार एमएसपी समाप्त कर देगी, जबकि हर वर्ष एमएसपी में बढ़ोतरी हो रही है। किसान स्वयं देख रहे हैं कि उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

महिलाओं से किए वादे पूरे न करने पर केजरीवाल और कांग्रेस को घेरा  

मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में चुनाव के समय महिलाओं को एक हजार रुपये देने का वादा किया गया था। पांच साल में यह राशि 50 हजार रुपये बनती है। अब चुनाव नजदीक आते ही महिलाओं के खातों में एक हजार रुपये डालने की बात की जा रही है। सवाल यह है कि पांच साल तक महिलाओं को यह राशि क्यों नहीं दी गई? महिलाओं से झूठे वादे करके उनके वोट हासिल करना और फिर उन्हें पूरा न करना उनके साथ धोखा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने महिलाओं से जो वादा किया था, उसे पूरा करने की दिशा में काम किया है। सरकार ने निर्णय लिया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है, उनकी रसोई में 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। हमारी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का काम करती है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा हरियाणा में 100-100 गज के प्लॉट देने के वादे का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने  अंतिम दिनों में गरीबों को प्लॉट देने के नाम पर सिर्फ घोषणा की थी, लेकिन न तो लोगों को कागज मिले और न ही वास्तविक कब्जा मिला। हमारी सरकार ने पात्र लोगों को प्लॉट के कागज देने के साथ-साथ कब्जा दिलाने का काम किया है। कांग्रेस की राजनीति केवल वोट लेने तक सीमित रही, जबकि हमारी सरकार गरीबों को उनका अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है।

पंजाब सरकार ने आपदा के समय भी किसानों की मदद में राजनीति की  

मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में प्राकृतिक आपदा के समय भी किसानों की सहायता के मामले में राजनीति की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब को 1600 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की सहायता दी। पंजाब में सहायता राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय जब पंजाब में पशुओं में बीमारी फैली, तो वहाँ के लोगों ने पशुओं के इलाज के लिए मदद की अपील की,  जिस पर हरियाणा ने पशुओं के उपचार के लिए डॉक्टर और दवाइयाँ भेजने का आग्रह किया, लेकिन पंजाब सरकार ने अनुमति नहीं दी। यह कोई राजनीतिक विषय नहीं था, बल्कि मानवता का विषय था। किसानों के पशु बीमारी से मर रहे थे और उन्हें बचाने के लिए हरियाणा सरकार सहायता करना चाहती थी, लेकिन इसमें भी राजनीति की गई। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

डबल इंजन सरकार में किसानों को समय पर भुगतान की गारंटी  

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का यही लाभ है कि किसानों की फसल का भुगतान 48 से 72 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रहा है। यदि 72 घंटे से अधिक देरी होती है तो किसानों को ब्याज सहित भुगतान किया जाता है। यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है। पंजाब में किसानों को अपनी फसल के भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है, जबकि हरियाणा में किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पंजाब की फसल खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब के किसान उनसे लगातार मिलते हैं और अपनी परेशानी बताते हैं। किसानों का कहना है कि उनसे आप पार्टी के नेताओं ने मंच पर पूरी फसल खरीदने का वादा किया गया था, लेकिन अब भी उन्हें अपनी फसल बेचने में दिक्कत आ रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में क्षेत्रवाद को बढ़ावा दिया जाता था। उस समय केवल रोहतक के विकास की बातें होती थीं, लेकिन वहां के लोग भी आज कहते हैं कि उन्हें विकास नहीं मिला। विकास के नाम पर आने वाला पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। हमारी सरकार पूरे हरियाणा का समान विकास सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही जनता को बताने के लिए कोई उपलब्धि। वे केवल झूठ फैलाकर और लोगों को गुमराह करके राजनीति करना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा लगाई गई संसद में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व स्पीकर मीरा कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। वह एक प्रतिष्ठित और वरिष्ठ नेता हैं। ऐसे में उन्हें इस तरह बैठाना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का अपना राजनीतिक कद और गरिमा होती है, जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए।

 

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