सुनील तटकरे का बड़ा खुलासा, प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात के बाद फिर तेज हुई एकीकरण की चर्चा
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 6 नवंबर। महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। NCP के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुनील तटकरे ने दावा किया है कि अजित पवार जीवित होते तो 12 फरवरी को दोनों गुट एक हो गए होते। उन्होंने बताया कि विलय को लेकर बातचीत अंतिम चरण में थी और इसके लिए 12 फरवरी की तारीख प्रस्तावित की गई थी। तटकरे के इस बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
अजित पवार ने बताई थी विलय की रूपरेखा
तटकरे ने कहा कि अजित पवार के साथ दोनों गुटों के एकीकरण को लेकर बातचीत हुई थी। अजित पवार ने उन्हें यह भी बताया था कि विलय की प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी। तटकरे के मुताबिक, वह अजित पवार के करीबी सहयोगियों में थे और इस बातचीत से अवगत थे। उन्होंने कहा कि अजित दादा की मजबूत इच्छाशक्ति के कारण 12 फरवरी को दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस एक हो सकती थीं। 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से मुलाकात
विलय की चर्चा के बीच NCP के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मुलाकात की। शरद पवार को बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पटेल ने उनका हालचाल जानने के साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी बातचीत की। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि शरद पवार का स्वास्थ्य अच्छा है। पटेल ने कहा कि राजनीतिक रूप से दोनों के रास्ते अलग हो चुके हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध और आपसी स्नेह अब भी कायम हैं। हालांकि, उन्होंने राजनीतिक बातचीत का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
सुप्रिया सुले भी कर चुकी हैं बातचीत की पुष्टि
NCP-एसपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले पहले ही अजित पवार के साथ विलय को लेकर बातचीत होने की बात कह चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि यह चर्चा सीधे अजित पवार के साथ हुई थी और उनके निधन के बाद इसे आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। शरद पवार भी पहले कह चुके हैं कि दोनों गुटों के एकीकरण पर बातचीत चल रही थी और 12 फरवरी को इसकी घोषणा होनी थी। उन्होंने इस प्रक्रिया में अजित पवार की अहम भूमिका का उल्लेख किया था।
2023 में अलग हुए थे दोनों गुट
जुलाई 2023 में अजित पवार ने समर्थक विधायकों के साथ अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया था। इसके बाद NCP दो गुटों में बंट गई। शरद पवार के नेतृत्व में NCP-एसपी अलग रही, जबकि अजित पवार का गुट महायुति सरकार में शामिल हुआ। अब तटकरे के ताजा बयान और प्रफुल्ल पटेल-शरद पवार की मुलाकात ने विलय की संभावनाओं पर फिर बहस शुरू कर दी है। हालांकि, दोनों गुटों के बीच किसी नए औपचारिक समझौते या विलय के अंतिम फैसले की घोषणा नहीं हुई है।
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