मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सूखे का गंभीर संकट है और सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।
राहुल गुप्ता
नागपुर, 6 नवंबर। महाराष्ट्र में सूखे और प्राकृतिक संकटों का सामना कर रहे किसानों के साथ दिवाली की खुशियां साझा करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रियों से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्री कम से कम एक दिन किसी गांव में जाकर किसानों के साथ दिवाली मनाए और उनके परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं समझे।
गुरुवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘रामगिरी’ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फडणवीस ने कहा कि इस साल राज्य में सूखे का गंभीर संकट पैदा हुआ है। किसान कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। सरकार को उनकी समस्याओं के प्रति पूरी सहानुभूति है।
किसानों को महसूस हो कि सरकार उनके साथ है
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवाली की खुशियों में किसान परिवारों की भी भागीदारी होनी चाहिए। संकट के समय सरकार उनके साथ खड़ी है, यह एहसास किसानों को होना जरूरी है। इसी भावना से मंत्रियों से गांवों में जाकर किसानों के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि वह खुद नागपुर जिले के एक गांव में किसानों के साथ दिवाली मनाएंगे। फडणवीस ने सामाजिक संस्थाओं, संगठनों और नागरिकों से भी किसानों की मदद के लिए आगे आने का आग्रह किया।
इस मौके पर नागपुर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से सूखाग्रस्त लोगों की सहायता के लिए जुटाई गई राशि का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
‘गोकुल’ चुनाव को लेकर भी दी सफाई
मुख्यमंत्री ने कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ ‘गोकुल’ के संचालक मंडल में चार सदस्यों की नियुक्ति के फैसले पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चार संचालक नियुक्त नहीं किए होते तो दोबारा चुनाव कराने की नौबत आ सकती थी।
फडणवीस के मुताबिक, 13 सीटें जीतने के बावजूद कोरम पूरा नहीं हो रहा था, इसलिए चेयरमैन का चुनाव कराना संभव नहीं था। चेयरमैन के चुनाव के लिए कम से कम 14 सदस्यों की जरूरत थी। एक बैठक संख्या बल नहीं होने के कारण रद्द करनी पड़ी थी। यदि एक-दो और बैठकें भी इसी वजह से रद्द होतीं तो चुनाव ही निरस्त हो सकता था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कानूनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए चार सदस्यों की नियुक्ति का फैसला किया है। इस संबंध में महाधिवक्ता की राय भी ली गई थी। हालांकि, कुछ लोग इस फैसले के कानूनी रूप से टिकने पर सवाल उठा रहे हैं। फडणवीस ने कहा कि यह देखना होगा कि अदालत में यह फैसला कानूनी कसौटी पर खरा उतरता है या नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती से जुड़ी समस्याओं का असर केवल किसान परिवारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे समय में किसानों की मदद करना, उनके साथ खड़ा रहना और उन्हें दोबारा मजबूती से खड़ा करने के लिए सामूहिक प्रयास करना जरूरी है।
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