ट्रिब्यूनल ने 2018 के सड़क हादसे में कार चालक को 70 प्रतिशत और ट्रक चालक को 30 प्रतिशत जिम्मेदार ठहराया है।
राहुल गुप्ता
मुंबई-पुणे, 1 नवंबर। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर दिसंबर 2018 में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दंपति के परिवार को अब 1 करोड़ 80 लाख 99 हजार 232 रुपये का मुआवजा मिलेगा। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 29 अक्टूबर को दिए आदेश में बीमा कंपनी को पहले मुआवजे की रकम चुकाने का निर्देश दिया है। ट्रिब्यूनल ने हादसे के लिए कार चालक को 70 प्रतिशत और ट्रक चालक को 30 प्रतिशत जिम्मेदार माना है।
एमएसीटी की सदस्य गौरी कवडिकर ने आदेश में कहा कि सड़क पर आगे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना पीछे चल रहे चालक की जिम्मेदारी है। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने ट्रक चालक की तेज और लापरवाह ड्राइविंग को भी हादसे की वजह माना।
अचानक ब्रेक लगने के बाद ट्रक से टकराई कार
यह हादसा 23 दिसंबर 2018 को हुआ था। अंकित भूपिंदरसिंह चुघ अपनी वैगनआर कार चला रहे थे। कार में उनकी पत्नी संजना और दो नाबालिग बच्चे भी सवार थे। इसी दौरान उनकी कार आगे चल रहे ट्रक से पीछे से टकरा गई। आरोप था कि ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए थे।
टक्कर के बाद कार एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक सड़क पर घिसटती चली गई। हादसे में अंकित और संजना गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में पनवेल के एक ग्रामीण अस्पताल में दोनों की मौत हो गई।
कार चालक की 70 प्रतिशत जिम्मेदारी
ट्रिब्यूनल ने कहा कि आगे चल रहे वाहन के अचानक ब्रेक लगाने पर हर स्थिति में पीछे चल रहे वाहन के चालक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन यदि कार चालक ने पर्याप्त दूरी बनाए रखी होती और गति नियंत्रित रखी होती, तो समय रहते ब्रेक लगाकर टक्कर से बचा जा सकता था।
इसी आधार पर अंकित चुघ को हादसे के लिए 70 प्रतिशत जिम्मेदार माना गया। वहीं, ट्रक चालक की तेज और लापरवाह ड्राइविंग को 30 प्रतिशत जिम्मेदारी के लिए उत्तरदायी ठहराया गया।
पहले बीमा कंपनी देगी रकम, फिर ट्रक मालिक से वसूली
मामले की सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दलील दी थी कि ट्रक का परमिट केवल राजस्थान और गुजरात के लिए वैध था। महाराष्ट्र में वाहन चलाने के लिए परमिट का विस्तार नहीं कराया गया था।
इस पर ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि बीमा कंपनी पहले मृतक दंपति के परिवार को मुआवजे की रकम देगी। इसके बाद उसे ट्रक मालिक से यह राशि वसूलने का अधिकार होगा।
दोनों की आय के आधार पर तय हुई रकम
ट्रिब्यूनल ने दंपति की आय और अन्य तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कुल 1,80,99,232 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसमें संजना चुघ की मौत के लिए 92,53,500 रुपये और अंकित चुघ की मौत के लिए 88,45,732 रुपये शामिल हैं।
संजना सैमसिध माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में काम करती थीं, जबकि अंकित चुघ डेल इंटरनेशनल सर्विसेज में सीनियर डिलीवरी स्पेशलिस्ट के पद पर कार्यरत थे।
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