लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा के जरिए महायुति ने किया शक्ति प्रदर्शन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई बड़े नेता हुए शामिल
राहुल गुप्ता
ठाणे, 1 नवंबर। महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियों के बीच रविवार को ठाणे में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ निकाली। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में आयोजित इस पदयात्रा में हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान महायुति के नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा।
दरअसल, दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की गई। वहीं, इसके जवाब में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने महाराष्ट्र में ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ निकाली।
एसआईआर को लेकर फडणवीस ने विपक्ष पर साधा निशाना
पदयात्रा से पहले ठाणे महानगरपालिका मुख्यालय के पास महायुति की सभा हुई। इसे संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान पिछले 55 वर्षों में कई बार एसआईआर हुआ, लेकिन अब 2002 के बाद एनडीए सरकार में एसआईआर का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों का यह विरोध संविधान का गला घोंटने जैसा है।
फडणवीस ने कहा कि देश को बचाने के लिए उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी सभा को संबोधित किया।
शिवसेना के नेताओं ने भी लिया हिस्सा
बीजेपी की इस पदयात्रा में शिवसेना भी पूरी सक्रियता के साथ शामिल हुई। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के और पूर्व सांसद आनंद परांजपे समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बीजेपी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, वन मंत्री गणेश नाईक, विधायक संजय केलकर, निरंजन डावखरे और जिला अध्यक्ष संदीप लेले सहित कई नेता तथा नगरसेवक पदयात्रा में शामिल हुए।
परमार्थ निकेतन से शुरू होकर तलावपाली तक पहुंची यात्रा
बीजेपी की ठाणे शहर इकाई ने पदयात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। यात्रा ठाणे महानगरपालिका मुख्यालय के पास स्थित परमार्थ निकेतन से शुरू हुई। इसके बाद चंदनवाड़ी, अल्मेडा चौक और दगड़ी स्कूल होते हुए तलावपाली पहुंची। यहां पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर स्मारक के सामने पदयात्रा का समापन हुआ।
पदयात्रा से यातायात पर पड़ा असर
इस आयोजन के जरिए बीजेपी और महायुति ने अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया। हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण ठाणे में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
बीजेपी का कहना है कि अराजकता और भीड़तंत्र के खिलाफ यह पदयात्रा आयोजित की गई। पार्टी के मुताबिक, सार्वजनिक प्रदर्शनों की आड़ में होने वाली हिंसा और अव्यवस्था से आम लोगों का जनजीवन प्रभावित होता है।
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