महावितरण के अधिकारियों ने बताया कि मीटर की रीडिंग और बिजली की खपत का रिकॉर्ड कैसे देखें, बिल में गड़बड़ी की आशंका होने पर क्या करें।
ठाणे। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायतों और आशंकाओं के बीच महावितरण के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को बिजली खपत की डिजिटल निगरानी करने की जानकारी दी है। स्मार्ट मीटर के जरिए मोबाइल पर बिजली इस्तेमाल का रिकॉर्ड देखा जा सकता है। इससे खपत में अचानक हुए बदलाव का पता लगाने और बिल की जांच करने में मदद मिलती है। हालांकि, हर तकनीकी खराबी या दोषपूर्ण उपकरण की पहचान केवल मीटर के रिकॉर्ड से नहीं हो सकती।
नौपाड़ा स्थित अभिनय कट्टा में शनिवार को ‘स्मार्ट मीटर : अभिशाप या वरदान?’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में महावितरण के अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता राजेश मसने और सहायक अभियंता किशोर सावरकर ने नागरिकों की शंकाओं का जवाब दिया।
स्मार्ट मीटर तेजी से चलते हैं, यह गलतफहमी
परिचर्चा में कुछ नागरिकों ने आशंका जताई कि स्मार्ट मीटर अदाणी कंपनी के हैं और तेजी से चलते हैं, जिससे बिजली बिल बढ़ जाता है। इस पर राजेश मसने ने स्पष्ट किया कि ये मीटर महावितरण के हैं। पारंपरिक मीटर की तुलना में इनमें सिम कार्ड के जरिए बिजली खपत का रिकॉर्ड सीधे महावितरण तक पहुंचाने की सुविधा है। इससे मीटर रीडिंग के लिए हर बार कर्मचारी को घर जाकर रीडिंग लेने की जरूरत कम होती है। उन्होंने स्मार्ट मीटर के तेजी से चलने की धारणा को गलत बताया।
बिजली गुल होने की जानकारी भी मिलेगी
सहायक अभियंता किशोर सावरकर ने बताया कि स्मार्ट मीटर की मदद से महावितरण को यह जानकारी मिलने में आसानी होती है कि किस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। इससे हर बार उपभोक्ताओं को फोन करके बिजली गुल होने की सूचना देने की जरूरत कम हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मीटर लगाने आने वाले कर्मचारियों का पहचान पत्र जरूर जांचना चाहिए। कर्मचारी की अधिकृतता को लेकर संदेह होने पर नोटिस पर दिए गए आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर पुष्टि की जा सकती है। बकाया बिजली बिल के कारण मीटर हटाने की कार्यवाही हो सकती है, लेकिन मीटर बदलने आने वाले हर कर्मचारी के बारे में गलत धारणा बनाना उचित नहीं है।
बिजली बिल बढ़ने पर क्या करें?
अधिकारियों के मुताबिक, बिजली बिल सामान्य से अधिक आने पर सबसे पहले बिलिंग की अवधि और इस्तेमाल की गई बिजली की यूनिट्स की संख्या जांचनी चाहिए। पिछले बिलों से इसकी तुलना करनी चाहिए। इसके साथ ही पंखे, फ्रिज, वातानुकूलन यंत्र, पानी की मोटर और दूसरे उपकरणों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी हुई है या नहीं, यह भी देखना चाहिए।
अगर बिजली की खपत में अचानक बढ़ोतरी दिखती है और उसकी वजह समझ में नहीं आती, तो संबंधित उपकरणों की जांच करानी चाहिए। इसके बाद भी समस्या स्पष्ट न हो तो महावितरण में शिकायत दर्ज कराकर बिल या मीटर की जांच कराने की मांग की जा सकती है।
दिन में बिजली इस्तेमाल करने पर 85 पैसे की छूट
परिचर्चा में बताया गया कि 1 अप्रैल 2026 से घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक इस्तेमाल की गई बिजली पर प्रति यूनिट 85 पैसे की छूट दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, दिन में सौर ऊर्जा से मिलने वाली बिजली अपेक्षाकृत कम लागत पर उपलब्ध होती है और इसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है।
‘महावितरण’ ऐप के जरिए उपभोक्ता बिजली बिल और खपत का रिकॉर्ड मोबाइल पर देख सकते हैं। समय और तारीख के अनुसार बिजली इस्तेमाल की जानकारी मिलने से खपत में होने वाले बदलाव पर नजर रखना आसान होता है।
बिल की जांच करते समय इन बातों पर दें ध्यान
अधिकारियों ने बताया कि बिजली बिल की कुल रकम देखने के बजाय उसमें दर्ज मीटर रीडिंग की तारीख, बिलिंग अवधि, इस्तेमाल की गई यूनिट्स और लागू दरों की भी जांच करनी चाहिए। बिल जारी होने की तारीख और मीटर रीडिंग की अवधि को लेकर भ्रम होने से भी उपभोक्ताओं को गलतफहमी हो सकती है।
2018 से शुरू हुई स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया
परिचर्चा में दी गई जानकारी के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया 2018 से शुरू हुई थी। केंद्र सरकार ने 2022-23 में पुराने मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय लिया था। सिम कार्ड के माध्यम से जानकारी भेजने में सक्षम नहीं रहने वाले पुराने मीटरों को बदलने पर भी जोर दिया जा रहा है।
नागरिकों ने मांगा स्मार्ट मीटर का प्रात्यक्षिक
परिचर्चा में नागरिकों ने मांग की कि उन्हें मोबाइल पर बिजली खपत का रिकॉर्ड देखने, बिल की जांच करने और अचानक बढ़ी खपत की वजह समझने का प्रात्यक्षिक दिया जाए। इस पर अगली बैठक में प्रदर्शन आयोजित करने को लेकर चर्चा हुई। अगली बैठक महीने के अंतिम शनिवार को अभिनय कट्टा, जिजामाता उद्यान, भास्कर कॉलोनी, नौपाड़ा, ठाणे पश्चिम में आयोजित होगी।
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