फरीदाबाद में जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का छठा दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए
न्यूज़म ब्यूरो
फरीदाबाद , 14 सितंबर | Convocation 2026 में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने युवाओं से विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदारी की अपील की। फरीदाबाद स्थित जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित किया। राज्यपाल ने आचार्य जगदीश चंद्र बोस की वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में चार प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इनमें ज्ञान संसाधन केंद्र, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक का उत्कृष्टता केंद्र, यूएवी एवं एंटी-ड्रोन तकनीक और मीडिया स्टूडियो शामिल हैं। राज्यपाल ने शोध और विकास के लिए 25 लाख रुपये के अनुदान की घोषणा की। समारोह में 3,877 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। कई विद्यार्थियों को विभिन्न पदकों से भी सम्मानित किया गया।

Convocation 2026 में राज्यपाल का युवाओं को संदेश
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि विज्ञान और तकनीक तेजी से बदल रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
नवीकरणीय ऊर्जा और जैव प्रौद्योगिकी में भी नए अवसर बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आचार्य जगदीश चंद्र बोस की जिज्ञासा आज भी प्रासंगिक है।
उनकी नवाचार की भावना युवाओं को नई दिशा दे सकती है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से इसी सोच को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
शिक्षा और कौशल के जरिए वे रोजगार देने वाले बन सकते हैं।
J.C. Bose University में चार परियोजनाओं का उद्घाटन
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में चार प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
इनमें दीनदयाल उपाध्याय ज्ञान संसाधन केंद्र शामिल है।
इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के लिए उत्कृष्टता केंद्र भी शुरू किया गया।
इसके अलावा यूएवी और एंटी-ड्रोन तकनीक से जुड़ी परियोजना का उद्घाटन हुआ।
मीडिया स्टूडियो भी विश्वविद्यालय की नई सुविधाओं में शामिल किया गया।
इन परियोजनाओं से शैक्षणिक और तकनीकी ढांचे को विस्तार मिलेगा।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में शोध और विकास को बढ़ावा देने की घोषणा की।
उन्होंने अपने विवेकाधीन कोष से 25 लाख रुपये देने की बात कही।
इस राशि का एक हिस्सा जरूरतमंद प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए इस्तेमाल होगा।
Academic Development और Research पर जोर
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की अकादमिक और शोध गतिविधियों की सराहना की।
उन्होंने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
विश्वविद्यालय को नवाचार और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा को उद्योग की जरूरतों से जोड़ना जरूरी है।
इससे विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार की बेहतर समझ मिलेगी।
उन्होंने कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की भी बात कही।
राज्यपाल ने जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए सहायता तंत्र मजबूत करने का सुझाव दिया।
उन्होंने पूर्व छात्रों और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के जरिए भी मदद बढ़ाई जा सकती है।
3,877 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं डिग्रियां
समारोह में 2024 और 2025 के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
कुल 3,877 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक अपना पाठ्यक्रम पूरा किया।
इनमें 2,079 छात्र और 1,798 छात्राएं शामिल रहीं।
उपाधि प्राप्त करने वालों में 68 शोधार्थी भी शामिल थे।
इनमें 46 महिला शोधार्थी रहीं।
समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित किया गया।
वर्ष 2024 और 2025 के लिए दो-दो विद्यार्थियों को पदक दिए गए।
गवर्नर-चांसलर मेडल और मुख्यमंत्री मेडल प्रदान किए गए।
इसके अलावा 19 विद्यार्थियों को वाइस-चांसलर मेडल दिया जाएगा।
बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग की विधि रैना और हर्षिका वत्स सम्मानित हुईं।
दोनों को गवर्नर-चांसलर मेडल प्रदान किया गया।
बीटेक रोबोटिक्स और एआई के राम सेवक को सम्मान मिला।
बीटेक आईटी की आकृति मित्तल को भी मुख्यमंत्री मेडल दिया गया।
Lifelong Learning को अपनाने की अपील
नैक की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेश्वर राव भी समारोह में शामिल हुए।
उन्होंने दीक्षांत भाषण में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की।
उन्होंने विद्यार्थियों से जीवनभर सीखते रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में सीखना लगातार जरूरी है।
तकनीक और कौशल के साथ नवाचार को अपनाना भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने युवाओं से समाज के लिए सार्थक योगदान देने को कहा।
University Development की प्रगति रिपोर्ट पेश
कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने शैक्षणिक विस्तार और नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन की जानकारी दी।
शोध और नवाचार से जुड़ी पहलों पर भी प्रकाश डाला गया।
उन्होंने उन्नत प्रयोगशालाओं और उत्कृष्टता केंद्रों के विकास की जानकारी दी।
डिजिटल परीक्षा व्यवस्था और प्लेसमेंट गतिविधियों का भी उल्लेख किया।
इनक्यूबेशन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और छात्र विकास योजनाओं की जानकारी दी गई।
समारोह में हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी मौजूद रहीं।
विश्वविद्यालय की कुलपति और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
समारोह का समापन औपचारिक घोषणा और धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
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