शिमला में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ का आयोजन हुआ
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रविवार को कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित किया
न्यूज़म ब्यूरो
शिमला, 14 सितम्बर | Health Awareness को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ आयोजित किया गया। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कार्यक्रम के समापन समारोह में युवाओं से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और समाज में भेदभाव खत्म करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल ने स्वास्थ्य को केवल अस्पताल और चिकित्सा उपचार तक सीमित नहीं माना। उन्होंने गरिमा, समानता, सामाजिक न्याय और सही जानकारी को भी स्वास्थ्य से जोड़ा। उन्होंने युवाओं से स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने और जरूरतमंदों को उचित सेवाओं के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जनस्वास्थ्य, कानून और मनोविज्ञान के समन्वय पर भी जोर दिया गया।

Health Awareness को लेकर युवाओं की भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि कार्यक्रम की विषयवस्तु वर्तमान समय में बेहद प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य होने के साथ वर्तमान की बड़ी ताकत हैं।
स्वस्थ समाज के लिए युवाओं में जागरूकता जरूरी है।
इसके साथ संवेदनशीलता और सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
उन्हें स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को चुनौती देनी चाहिए।
जरूरतमंद लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के प्रसार में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
स्वास्थ्य केवल इलाज तक सीमित नहीं
राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सिर्फ अस्पताल और चिकित्सा उपचार तक सीमित नहीं है।
इसका संबंध व्यक्ति की गरिमा, समानता और जागरूकता से भी है।
स्वास्थ्य का संबंध सामाजिक न्याय और अधिकारों से भी जुड़ा है।
उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति भेदभाव समाप्त करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बीमारी के साथ अज्ञानता के खिलाफ भी लड़ना होगा।
सामाजिक कलंक जैसी बुराइयों को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति उसके सम्मान को प्रभावित नहीं करनी चाहिए।
हर व्यक्ति को जरूरत के समय सहायता और उचित सलाह मिलनी चाहिए।
Youth Leadership से मजबूत होगा समाज

राज्यपाल ने युवाओं को जिम्मेदारी और सेवा की भावना अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि नेतृत्व किसी पद या अधिकार से तय नहीं होता।
सच्चा नेतृत्व जिम्मेदारी निभाने और सेवा करने से परिभाषित होता है।
उन्होंने युवाओं से समाज में अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने ऐसे समाज के निर्माण की जरूरत बताई, जहां हर व्यक्ति सहायता पा सके।
मरीजों के साथ गरिमा और सम्मान से व्यवहार किया जाना चाहिए।
सही स्वास्थ्य जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को इन मूल्यों को सामाजिक जीवन में अपनाने की अपील की।
Public Health, Law और Psychology का समन्वय जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि कानून केवल नियमों और प्रावधानों का संग्रह नहीं है।
यह लोगों की गरिमा, समानता और अधिकारों की रक्षा का माध्यम है।
उन्होंने जनस्वास्थ्य, कानून और मनोविज्ञान के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ मन भी जरूरी है।
संवेदनशील समाज के निर्माण में इन सभी क्षेत्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
आपसी समन्वय से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का बेहतर समाधान संभव है।
Health Manthan 2026 का हुआ समापन
राज्यपाल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी।
उन्होंने ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ के सफल आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने एचपीएनएलयू, यूथ रेडक्रॉस और राज्य रेडक्रॉस को बधाई दी।
उन्होंने जिला रेडक्रॉस, एनसीसी, संकाय सदस्यों और आयोजन समिति की भी सराहना की।
राज्यपाल ने कार्यक्रम के विचार-विमर्श से नई पहल की उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य जागरूकता को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
युवा नेतृत्व और मानव सेवा को भी इससे प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके बाद राज्यपाल ने औपचारिक रूप से कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
इससे पहले एचपीएनएलयू की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने उनका स्वागत किया।
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