शिमला में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नकली दवाओं के मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए
उन्होंने विजिलेंस की जांच को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए
न्यूज़म ब्यूरो
शिमला , 14 सितंबर | Fake Drugs Probe को लेकर हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विजिलेंस जांच को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने 1 जुलाई 2026 को जांच में असमर्थता जताई थी। उनके अनुसार ब्यूरो ने मामले की वित्तीय जटिलता और पर्याप्त संसाधनों की कमी का हवाला दिया। जयराम ठाकुर ने कथित नकली दवाओं की बिक्री, जीएसटी चोरी और रिकॉर्ड में हेराफेरी से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया। उन्होंने कथित रूप से 27 से 28 टन कच्चे माल की अवैध आपूर्ति का भी जिक्र किया। नेता प्रतिपक्ष ने हिमकेयर मामले की जांच को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने नकली दवाओं से जुड़े आरोपों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की।
Fake Drugs Probe पर विजिलेंस की असमर्थता पर सवाल
जयराम ठाकुर ने कहा कि स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने पत्र भेजा था।
यह पत्र 1 जुलाई 2026 को भेजे जाने का दावा किया गया है।
पत्र में मामले की जांच में असमर्थता जताई गई थी।
उनके अनुसार ब्यूरो ने वित्तीय जटिलता का हवाला दिया था।
ब्यूरो ने पर्याप्त मैनपावर और संसाधनों की कमी बताई थी।
राजस्व विभाग से जुड़े तकनीकी ज्ञान की कमी का भी उल्लेख किया गया।
जयराम ठाकुर ने इसी आधार पर सरकार से सवाल किया।
उन्होंने पूछा कि इतनी गंभीर जांच से एजेंसी पीछे क्यों हट रही है।
उन्होंने जांच के लिए विशेषज्ञ संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
Fake Drugs Probe में क्या है मामला?
जयराम ठाकुर ने एक दवा निर्माता से जुड़े मामले का उल्लेख किया।
उन्होंने नकली दवाओं की बिक्री के आरोपों की बात कही।
इसके साथ जीएसटी चोरी और रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप भी बताया।
उनके अनुसार न्यायालय में इस मामले से जुड़ा एक और प्रतिनिधित्व मिला।
इसमें कथित रूप से कच्चे माल की अवैध आपूर्ति का आरोप था।
उन्होंने करीब 27 से 28 टन कच्चे माल का दावा किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मामले में जीएसटी चोरी का आरोप भी सामने आया।
उन्होंने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग का उल्लेख किया।
उनका कहना है कि जांच से ही आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी।
हिमकेयर जांच को लेकर भी उठाया सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने हिमकेयर से जुड़ी जांच का भी जिक्र किया।
उन्होंने सरकार पर जांच में अलग-अलग रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर मामले में तत्परता दिखाई गई।
उन्होंने सवाल किया कि नकली दवाओं के मामले में वही तत्परता क्यों नहीं है।
उन्होंने कहा कि दोनों मामलों में जांच के अलग मानदंड नहीं होने चाहिए।
उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जांच का उद्देश्य तथ्यों को सामने लाना होना चाहिए।
उन्होंने किसी भी मामले में राजनीतिक आधार पर कार्रवाई से बचने की बात कही।
जयराम ठाकुर ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी दिखाती है।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में नेताओं से पूछताछ की जाती है।
उन्होंने जांच पूरी होने से पहले जानकारी सार्वजनिक करने का भी आरोप लगाया।
इसके विपरीत उन्होंने नकली दवाओं के मामले में अलग स्थिति बताई।
उन्होंने कहा कि गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि जांच एजेंसी के पास विशेषज्ञता नहीं है।
ऐसे में जांच के लिए दूसरी विशेषज्ञ एजेंसी क्यों नहीं लगाई गई।
उन्होंने सरकार से इस पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
Fake Drugs Probe और लोगों की सुरक्षा का मुद्दा
जयराम ठाकुर ने नकली दवाओं के मामले को जनसुरक्षा से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि दवाओं से जुड़े आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं।
ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी जरूरी है।
उन्होंने कथित जीएसटी चोरी की भी जांच की मांग दोहराई।
उनके अनुसार वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की जांच साथ होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोगों का जांच एजेंसियों पर भरोसा बना रहना चाहिए।
इसके लिए जांच प्रक्रिया पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित होनी जरूरी है।
विजिलेंस की रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक बहस
जयराम ठाकुर के बयान के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
उन्होंने सरकार से विजिलेंस की असमर्थता पर जवाब मांगा है।
साथ ही जांच की दिशा और एजेंसी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली में दोहरा मापदंड दिखाई देता है।
हालांकि उनके लगाए आरोपों पर सरकार का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।
मामले में आगे की जांच और आधिकारिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
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