हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते को अहम बताया
उन्होंने कहा कि CETA से राज्य के उद्योगों को यूके बाजार में नई पहुंच मिलेगी
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 14 सितंबर। CETA के जरिए हरियाणा के टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग क्षेत्रों के लिए यूके बाजार में नए अवसर खुल सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित हरियाणा-यूके व्यापार कार्यक्रम में समझौते की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने युवाओं, किसानों, एमएसएमई और स्टार्टअप को वैश्विक निवेश से जोड़ने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने 2027 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जानकारी भी दी। राज्य सरकार ने भविष्य के उद्योगों के लिए दस क्षेत्र आधारित नीतियां लागू की हैं। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह और ब्रिटिश उप उच्चायुक्त अल्बा स्मेरिग्लियो ने भी विचार रखे। यूके कंपनियों ने हरियाणा में अपने कारोबारी अनुभव साझा किए। प्रदर्शन में आधुनिक उत्पादों और तकनीकों का भी अवलोकन किया गया।

CETA से निर्यात और निवेश को मिलेगा नया आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि समझौता हरियाणा के युवाओं और किसानों के लिए अवसर बढ़ाएगा। इससे एमएसएमई और स्टार्टअप को भी वैश्विक निवेशकों से जुड़ने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत और यूके के संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसंपर्क पर आधारित हैं। लाखों प्रवासी भारतीयों ने यूके के विकास में योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिटिश संस्थानों ने भी हरियाणा की विकास यात्रा में भागीदारी की है। अब व्यापार और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर है।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी अवधि में भारत और यूके के संबंध भी नई स्थिति में पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि हरियाणा ने देश की अर्थव्यवस्था में एक ट्रिलियन डॉलर योगदान का लक्ष्य रखा है। आगामी एक नवंबर को हरियाणा स्थापना के 60 वर्ष पूरे करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की यात्रा किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों के योगदान से बनी है।
2027 में होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
मुख्यमंत्री ने बताया कि पांच से सात अप्रैल 2027 तक निवेशक सम्मेलन आयोजित होगा। इससे पहले 2016 में आयोजित सम्मेलन में बड़े निवेश प्रस्ताव मिले थे।
उन्होंने बताया कि अगस्त में मुंबई से अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान शुरू किया गया। मुंबई में 17 कंपनियों के साथ 66 हजार करोड़ रुपये के समझौते हुए।
इस दौरान 200 से अधिक कारोबारियों और उद्यमियों से संवाद किया गया। आगामी सम्मेलन के लिए विदेशों में भी रोड शो आयोजित किए जाएंगे।
Future Industries के लिए दस नीतियां लागू
राज्य सरकार ने भविष्य के उद्योगों के लिए दस क्षेत्र आधारित नीतियां लागू की हैं। इनमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा सेंटर शामिल हैं।
मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र भी इसमें शामिल हैं। एग्रीबिजनेस और वैश्विक क्षमता केंद्रों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार ने 2030-31 तक पांच लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य रखा है। इससे दस लाख से अधिक रोजगार पैदा करने का लक्ष्य है।
इन नीतियों की शुरुआत पर 110 समझौते हुए थे। इनमें एक लाख दस हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल थे।
MSME और निर्यात को बढ़ाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने एमएसएमई और निर्यात के लिए कई पहल की हैं। प्रदेश में 15 लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकृत हुए हैं।
अब नई एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन नीति लागू की गई है। इसके तहत 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है।
पांच लाख से अधिक नए रोजगार सृजित करने की भी योजना है। साथ ही राज्य के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
Go Global विजन के तहत बढ़ेगा विदेशी सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था को देखते हुए नया विजन अपनाया है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के बीच विदेशी सहयोग जरूरी है।
सरकार ने 2020 में विदेश सहयोग विभाग का गठन किया था। यह विभाग व्यापार और निवेश से जुड़ी जरूरतों में सहयोग करेगा।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक साझेदारों से विभाग का अधिक उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा और यूके के बीच सहयोग बढ़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का निमंत्रण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद वैश्विक साझेदारों को विशेष निमंत्रण दिया। उन्होंने सभी को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में शामिल होने को कहा।
उन्होंने हरियाणा को भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि और गीता की धरती बताया। उन्होंने कहा कि व्यापार के साथ सांस्कृतिक विरासत से जुड़ना भी जरूरी है।
उद्योग मंत्री ने कारोबारियों को दिया संदेश
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने हरियाणा-यूके व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि समझौते से कारोबारियों, निवेशकों और शिक्षण संस्थानों को अवसर मिलेंगे। स्टार्टअप, किसान और युवाओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने यूके की कंपनियों को हरियाणा में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने तकनीकी साझेदारी और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण बताया।
ब्रिटिश उप उच्चायुक्त ने बताई सहयोग की संभावनाएं
ब्रिटिश उप उच्चायुक्त अल्बा स्मेरिग्लियो ने दोनों पक्षों के संबंधों पर बात रखी। उन्होंने व्यापार, निवेश, नवाचार और शिक्षा में सहयोग की संभावनाएं बताईं।
उन्होंने हरियाणा की विनिर्माण और कृषि क्षमता का उल्लेख किया। तकनीक और सेवा क्षेत्र में भी राज्य की क्षमता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा और यूके की विशेषज्ञता एक-दूसरे के लिए उपयोगी है। इससे व्यापारिक साझेदारी के नए अवसर बन सकते हैं।
निर्यात और निवेश के आंकड़े भी साझा किए
मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी ने समझौते के बाद की स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि राज्य वास्तविक कारोबारी अवसरों में तेजी ला रहा है।
उन्होंने हरियाणा की अर्थव्यवस्था को करीब 154 अरब डॉलर बताया। उन्होंने राज्य की विकास दर करीब 11 प्रतिशत रहने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य का निर्यात 2019-20 में करीब 12 अरब डॉलर था। यह आंकड़ा 2025-26 में बढ़कर 19 अरब डॉलर हुआ।
हरियाणा में 12,271 स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इनमें 11,500 से अधिक को संबंधित संस्थानों से मान्यता मिली है।
प्रदर्शनी में आधुनिक उत्पादों का अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने ब्रिटिश उप उच्चायुक्त के साथ विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली।
प्रदर्शनी में कृषि उत्पाद और दूरसंचार उपकरण प्रदर्शित किए गए थे। इसके अलावा कई कंपनियों के इलेक्ट्रिक वाहन भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने रेंज रोवर, टाटा और महिंद्रा के वाहनों की जानकारी ली। उन्होंने जेसीबी के उत्पादों और आधुनिक तकनीकों को भी देखा।
यूके कंपनियों ने साझा किए कारोबारी अनुभव
कार्यक्रम में हरियाणा में काम कर रही यूके कंपनियों ने अपने अनुभव साझा किए। एचएसबीसी के राघव हांडा ने कारोबारी अनुभवों की जानकारी दी।
जेसीबी के सुनील खुराना और रेडियो डिजाइन के गौरव चौहान भी शामिल हुए। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन के एलियोस फिलिप्स ने भी विचार रखे।
प्रतिनिधियों ने हरियाणा के औद्योगिक माहौल और प्रतिभा की जानकारी दी। उन्होंने निवेश और विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
उनके अनुभवों से हरियाणा-यूके सहयोग की संभावनाएं सामने आईं। व्यापार, उद्योग और शिक्षा में साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहा।
कार्यक्रम में भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव साकेत कुमार मौजूद रहे। पटौदी की विधायक बिमला चौधरी भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
हरियाणा विदेश सहयोग विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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