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महात्मा ज्योतिबा फुले ने शिक्षा की अलख जगाई, समाज को नई राह दिखाई : मुख्यमंत्री सैनी

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प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने रेवाड़ी में किया कार्यक्रम को संबोधित

न्यूज़म ब्यूरो

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चंडीगढ़, 2 मई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले जी की शिक्षाओं पर चलते हुए प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री सैनी शनिवार को रेवाड़ी में महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले जी का जीवन और उनके विचार हमारे लिए मार्गदर्शक हैं। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जो समानता, न्याय और भाईचारे पर आधारित हो। आज का यह समारोह सामाजिक चेतना, शिक्षा और समानता के उस महान विचार का उत्सव है, जिसे महात्मा ज्योतिबा फुले जी ने अपने जीवन का लक्ष्य बनाया।

उन्होंने कहा कि मध्यमकाल से ही रेवाड़ी का विशेष महत्व है। हम सब जानते हैं कि भारत के अंतिम हिंदू सम्राट हेमू का संबंध भी इसी शहर से था। उन्होंने मुगलों के खिलाफ 22 लड़ाइयां जीतीं। इतना ही नहीं, रेवाड़ी 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का एक बड़ा केंद्र था। यहां के शासक राव तुला राम जी ने अंग्रेजों के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब समाज अंधकार में डूबा, तब-तब हमारे महापुरुषों ने अपने विचारों और कर्मों से नई रोशनी दिखाई। महात्मा फुले जी ऐसे ही युगपुरुष थे। उन्होंने उस समय समाज को नई दिशा दी, जब देश अंग्रेजी हुकूमत की बेडिय़ों में जकड़ा हुआ था। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों व रूढिय़ों के खिलाफ डटकर संघर्ष किया।

बाल विवाह, छुआछूत, जातिगत भेदभाव और महिलाओं की अशिक्षा जैसी बुराइयों के विरुद्ध उनका संघर्ष एक सामाजिक क्रांति का स्वरूप था। महात्मा फुले जी का सबसे बड़ा योगदान शिक्षा के क्षेत्र में रहा। उनका मानना था कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब शिक्षा का प्रकाश हर घर तक पहुंचे। इसी सोच को साकार करते हुए, उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले जी के साथ मिलकर देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया। वह विद्यालय सामाजिक अंधकार के विरुद्ध जलाया गया एक ऐसा दीपक था, जो आज भी करोड़ों बेटियों के भविष्य को रोशन कर रहा है।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, तो यह महात्मा फुले जी के विचारों का ही विस्तार है। उनका सपना था एक ऐसा भारत, जहां हर व्यक्ति को सम्मान मिले। हर किसी को आगे बढ़ाने का समान अवसर मिले। और कोई भी व्यक्ति अपनी जाति, वर्ग या पहचान के कारण भेदभाव का शिकार न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव के समय 217 संकल्प लिए थे। इन सभी संकल्पों पर तेजी से कार्य चल रहा है। प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की। इसके वार्षिक बजट को 5 हजार करोड़ से बढ़ाकर साढ़े छह हजार करोड़ कर दिया गया है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो सके।

सरकार द्वारा एमएसपी पर सभी फसल खरीदी जा रही है, जो भाजपा सरकार किसान हितेषी सोच का एक पुख्ता उदाहरण है। इसी प्रकार वृद्धा सम्मान भत्ते को बढ़ाकर 3200 रूपए करते हुए देश में सर्वाधिक भत्ता देने का काम किया है। कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह,  हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम,  विधायक लक्ष्मण यादव, अनिल यादव, डॉ कृष्ण, ओम प्रकाश यादव, बिमला चौधरी तथा सैनी सभा के अध्यक्ष मनोज सैनी, शशि भूषण सैनी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

 

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