न्यूज़म ब्यूरो
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 20 वर्षीय कशिश मीणा, जो एक प्राइवेट टीचर हैं, अपने प्रेमी आशीष से तीन साल से रिश्ते में थीं। दोनों परिवार इस संबंध से परिचित थे और विवाह के लिए सहमत भी बताए जा रहे थे।
मामले ने उस वक्त हिंसक मोड़ ले लिया, जब आशीष के परिवार ने अचानक उसकी शादी कहीं और तय कर दी। जानकारी मिलने पर कशिश सीधे उसके गांव सालवानपुर पहुंच गईं, जहां दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान आशीष के भाई विवेक ने युवती पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद बेहद गंभीर रूप से झुलसी कशिश ने खुद अपनी मां को फोन कर सूचना दी। स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और कशिश को अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलने के बाद डायल 112 और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। यह कोई पहला मौका नहीं है, जब आरोपी वारदात के बाद आसानी से भाग निकलता है।
और भी गंभीर बात यह है कि इसी प्रेम प्रसंग को लेकर 25 नवंबर 2025 को पहले ही अहमदगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज हो चुका था। इसके बावजूद न तो पुलिस ने पर्याप्त निगरानी रखी और न ही संभावित खतरे को गंभीरता से लिया।
घटना के बाद नायब तहसीलदार द्वारा बयान दर्ज करना और पीड़िता को अस्पताल भेजना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन यह सब तब हुआ जब नुकसान हो चुका था। कशिश को पहले शिकारपुर CHC और फिर गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया—यह बताता है कि घटना कितनी गंभीर थी।
यह घटना सिर्फ एक प्रेम प्रसंग का दुखद अंत नहीं है, बल्कि सिस्टम की कमजोरियों का आईना भी है। जब पहले से विवाद दर्ज हो और फिर भी ऐसी घटना हो जाए, तो यह स्पष्ट संकेत है कि कहीं न कहीं पुलिस की सक्रियता और जिम्मेदारी में कमी रही है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस सिर्फ बयान दर्ज कर औपचारिकता निभाती है या आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़िता को न्याय दिलाने में गंभीरता दिखाती है।