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भाजपा शासन में हरियाणा के युवा बेरोजगारी की आग में झुलस रहे : रणदीप सुरजेवाला

कहा : हरियाणा का युवा सुसाइड से लेकर डिपोर्टेशन तक, भाजपा की नीतियों का खामियाजा  

 

बोले : रेवाड़ी में नौकरी न मिलने से युवक ने लगाई फांसी, करनाल के 15 युवक अमेरिका से बेड़ियों में लौटे – परिवारों की तबाही, कर्ज का बोझ  

 

न्यूज़म ब्यूरो 

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कैथल। हरियाणा के युवा आज दोहरी मार झेल रहे हैं – एक तरफ घर में बेरोजगारी का बोझ, दूसरी तरफ विदेशी सपनों का चूर-चूर होना। हाल के दिनों में दो दिल दहला देने वाले घटनाक्रमों ने प्रदेश की आर्थिक बदहाली और भाजपा सरकार की विफल नीतियों को बेनकाब कर दिया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज किसान भवन पर जनता की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी व भाजपा सरकार पर हमला बोला। 

 

उन्होंने कहा कि रेवाड़ी जिले के डूंगरवास गांव निवासी 28 वर्षीय प्रेम कुमार (बीकॉम पास) ने हाल ही में घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रेम के पिता हरियाणा पुलिस में चौथे दर्जे के कर्मचारी हैं। परिवार के अनुसार, प्रेम लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। नौकरी न मिलने की निराशा से वह गहरे अवसाद में चला गया। सुबह परिवार ने चौबारे में शव फंदे पर लटका पाया। यह घटना अकेली नहीं – हरियाणा में बेरोजगारी से जुड़े सुसाइड के मामले बढ़ रहे हैं, जो भाजपाई डबल इंजन सरकार की असफलता का जीता-जागता सबूत है।

 

सुरजेवाला ने कहा कि हाल ही में अमेरिका से 149 भारतीय युवकों को डिपोर्ट किया गया, जिनमें से अकेले करनाल जिले के 15 युवक शामिल थे। इन युवाओं के परिवारों ने जमीन-जायदाद बेची, गहने गिरवी रखे, बैंक से भारी कर्ज लिया – एक युवक विशाल राणा (निसिंग ब्रास गांव, करनाल) ने 65 लाख रुपये खर्च किए। अमेरिका पहुंचने पर जेल की यातनाएँ दी गई, एसी से ठंड मारना, उबलता पानी पिलाना, अपमानजनक व्यवहार। अब बेड़ियों में जकड़कर दिल्ली लौटाए गए। कई परिवारों की हालत इतनी खराब है कि मृतकों का पार्थिव शरीर लाने के लिए भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है। ये युवा हरियाणा के उन लाखों नौजवानों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें प्रदेश में रोजगार न मिलने पर विदेश भागना पड़ रहा है।

 

सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार युवाओं के दर्द से बेखबर है। सत्ता के नशे में डूबी यह निकम्मी व निर्दयी सरकार अपराध, नशाखोरी और बेरोजगारी की आग बुझाने में नाकाम है। युवा मजबूरन कर्ज लेकर विदेश जा रहे हैं, जहां अपमान और डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ता है।  

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा के मां-बाप, बहन-भाई – अब और नहीं सहेगा! युवाओं की जिंदगियां बचानी हैं, तो बदलाव लाना होगा।

 

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