मुंबई पुलिस ने निवेश धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को पकड़ा है। आरोपियों के पास से फर्जी कंपनियों के दस्तावेज और कई बैंक खातों से जुड़े सामान मिले हैं।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 5 नवंबर। शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच देकर 58 लाख 72 हजार 410 रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुंबई पुलिस की दक्षिण साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इस मामले के अलावा मुंबई के कुल छह और अन्य स्थानों के 73 साइबर अपराधों में भी शामिल पाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 10 जून से 8 सितंबर 2026 के बीच महिला आरोपी मीरा आयर और उसके साथियों ने शिकायतकर्ता को शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कुल 58,72,410 रुपये जमा कराकर ठगी की गई। शिकायत के आधार पर दक्षिण साइबर पुलिस थाने में 9 सितंबर 2026 को मामला दर्ज किया गया था।
कंपनी बनाकर खोले गए बैंक खाते
जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम में से 24 लाख 75 हजार रुपये सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की नागपुर स्थित जरिपटका शाखा के एक खाते में जमा कराए गए थे। यह खाता ग्रीन गार्डन डिलाइट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के नाम पर था।
तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बैंक खाते के संचालकों का पता लगाया। इसके बाद 2 नवंबर 2026 को मामले के मुख्य आरोपी अमित दिलीपराव काले और उसके दो साथियों को नागपुर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि अमित काले और उसके साथियों ने मिलकर रितिक शैलेश धारगावे के नाम पर ग्रीन गार्डन डिलाइट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई थी। कंपनी स्थापित करने के लिए फर्जी किरायानामा भी तैयार किया गया था।
मोबाइल और बैंक खातों के जरिए रकम का लेनदेन
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अमित काले ने अपने साथी रितिक धारगावे के नाम पर जारी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल अपने पोको सी75 5जी मोबाइल में किया। इसके बाद इस मोबाइल और सिम कार्ड के जरिए धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन किए गए। ठगी की रकम को ऑनलाइन अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया गया।
आरोपियों के पास से ये सामान जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 11 अलग-अलग बैंक खातों की चेकबुक और पासबुक, 25 कंपनियों के सिम कार्ड, 11 फर्जी कंपनियों की रबर स्टांप, तीन स्टांप पैड, डेबिट और एटीएम कार्ड, क्यूआर कोड तथा फर्जी कंपनियों के दस्तावेज और पैन कार्ड जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित दिलीपराव काले (34), रितिक शैलेश धारगावे (25) और अनिरुद्ध सतीश उके (30) के रूप में हुई है। तीनों नागपुर के निवासी हैं।
पुलिस ने निवेशकों से की अपील
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान नंबरों से व्हाट्सऐप पर संपर्क करने वाले लोगों पर भरोसा करके शेयर बाजार में निवेश न करें। किसी के कहने पर जल्द मुनाफे के लालच में रकम जमा करने से पहले पूरी जांच करें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (साइबर) बजरंग बंसोडे और सहायक पुलिस आयुक्त सायरस ईरानी के मार्गदर्शन में की गई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नंदकुमार गोपाले के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक बागवान, सहायक पुलिस निरीक्षक रामदास गोपाल और पुलिसकर्मियों की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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