सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का आदेश, 12 से 26 नवंबर तक जुलूस और कुछ अन्य गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 15 नवंबर। मुंबई में सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 15 दिनों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने, किसी भी तरह का जुलूस निकालने और जुलूस में लाउडस्पीकर, वाद्ययंत्र, बैंड या पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्तालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध पूरे मुंबई पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 12 नवंबर 2026 को रात 12:01 बजे से 26 नवंबर 2026 को रात 12 बजे तक लागू रहेगा।
क्यों जारी किया गया आदेश?
पुलिस को विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर आशंका जताई गई है कि सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था भंग हो सकती है। इससे आम लोगों की जान और संपत्ति को गंभीर खतरा पैदा होने की संभावना है।
इसी को देखते हुए दंगा, झगड़े और सार्वजनिक अशांति जैसी घटनाओं को रोकने के लिए महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37 की उपधारा (3) और धारा 10 की उपधारा (2) के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
इन आयोजनों को रहेगी छूट
आदेश में कुछ आयोजनों और गतिविधियों को प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनमें विवाह समारोह, अंतिम संस्कार और श्मशान या कब्रिस्तान तक जाने वाले जुलूस शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनियों, क्लबों, सहकारी संस्थाओं और अन्य संगठनों की वैधानिक बैठकें तथा सामान्य कामकाज से जुड़ी सामाजिक बैठकें भी प्रतिबंध से बाहर रहेंगी।
सिनेमा हॉल, थिएटर और सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों पर फिल्म, नाटक या कार्यक्रम देखने के लिए होने वाले जमावड़े को भी छूट दी गई है। सरकारी और स्थानीय निकायों के कार्यालयों, अदालतों, स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सरकारी कामकाज और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए होने वाले जमावड़े पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
कारखानों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में सामान्य व्यापार और व्यवसाय के लिए लोगों के एकत्र होने की अनुमति रहेगी। इसके अलावा जो अन्य सभाएं या जुलूस जोनल पुलिस उपायुक्त अथवा उनके पर्यवेक्षण अधिकारियों से अनुमति प्राप्त करेंगे, उन्हें भी छूट दी जा सकती है।
आदेश खत्म होने के बाद भी जारी रह सकती है कार्यवाही
पुलिस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद भी इसके उल्लंघन से जुड़े मामलों में जांच या कानूनी कार्यवाही शुरू की जा सकती है और पहले से चल रही कार्यवाही जारी रह सकती है। आदेश लागू रहने के दौरान हुए उल्लंघन के लिए दंड या सजा भी दी जा सकती है।
यह आदेश पुलिस उपायुक्त (अभियान) एवं कार्यकारी दंडाधिकारी अकबर पठाण ने जारी किया है। इसकी जानकारी सार्वजनिक स्थानों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों में आदेश की प्रतियां चिपकाकर, लाउडस्पीकर या मेगाफोन से घोषणा करके और उपलब्ध प्रसार माध्यमों के जरिए दी जाएगी।
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