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‘नाक-कान बड़े दिखाना, लेकिन पेट नहीं…’, फडणवीस की राज ठाकरे से खास गुजारिश का किस्सा चर्चा में

मुख्यमंत्री ने व्यंग्यचित्रों पर बात करते हुए सुनाया पुराना किस्सा, उद्धव ठाकरे पर भी 2019 के बाद फोन नहीं आने को लेकर किया कटाक्ष।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 30 अक्टूबर। महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक ऐसा मंच देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मौजूद थे। मुंबई में ग्रंथाली की ओर से संपादक और व्यंग्यचित्रकार प्रशांत कुलकर्णी की पुस्तक ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ के विमोचन समारोह में तीनों नेताओं ने अपने अंदाज में टिप्पणियां कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज ठाकरे से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया, जिस पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े।

‘नाक और कान बड़े दिखाना, लेकिन पेट नहीं’

देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि उन्होंने एक बार राज ठाकरे से अनुरोध किया था कि यदि वे कभी उनका व्यंग्यचित्र बनाएं तो नाक और कान बड़े दिखा सकते हैं, लेकिन पेट बड़ा न दिखाएं।

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फडणवीस के मुताबिक, राज ठाकरे ने उनकी यह बात मान ली और बाद में उनके व्यंग्यचित्रों में पेट बड़ा नहीं दिखाया। मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि बाकी लोग उनकी बात नहीं मानते और उन्हें सिर्फ उनका पेट ही दिखाई देता है। उन्होंने आगे कहा कि हाल के दिनों में उन्होंने अपना वजन भी कम किया है, इसलिए अब कुछ व्यंग्यचित्रकार उन्हें इससे राहत दे सकते हैं।

उद्धव ठाकरे पर भी किया कटाक्ष

अपने भाषण में फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि 2019 तक उद्धव ठाकरे ने जब भी उन्हें फोन किया, वे मिलने चले गए। लेकिन 2019 के बाद उन्हें बुलाया ही नहीं गया, जबकि वे इंतजार करते रहे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में आखिरी भाषण देने का फायदा यह है कि राज ठाकरे अब उनकी बातों का जवाब नहीं दे पाएंगे। इस टिप्पणी के साथ उन्होंने ठाकरे बंधुओं पर हल्के-फुल्के अंदाज में राजनीतिक कटाक्ष किया।

व्यंग्यचित्रों की ताकत का भी किया जिक्र

फडणवीस ने व्यंग्यचित्रों के प्रभाव पर बात करते हुए नेपोलियन से जुड़ा एक उदाहरण भी सुनाया। उन्होंने कहा कि एक व्यंग्यचित्र ने नेपोलियन की ऐसी छवि पेश की थी, जिससे उसे काफी नुकसान और बदनामी हुई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह घटना बताती है कि एक व्यंग्यचित्र भी किसी व्यक्ति या सत्ता की छवि पर कितना प्रभाव डाल सकता है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुंबई में व्यंग्यचित्रकारों की कला को समर्पित एक दालन यानी कला दीर्घा बनाने की बात भी कही।

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