मेट्रो-5 के अगले चरण और मेट्रो-5ए के विस्तार से ठाणे, भिवंडी, कल्याण, उल्हासनगर और अंबरनाथ को मिलेगा बेहतर संपर्क; कुछ हिस्सों में भूमिगत और डबल डेकर कॉरिडोर प्रस्तावित।
राहुल गुप्ता
कल्याण, 5 नवंबर। ठाणे, भिवंडी, कल्याण, उल्हासनगर और अंबरनाथ के लोगों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मेट्रो लाइन-5 के अगले चरणों और मेट्रो लाइन-5ए के विस्तार के लिए करीब 4,564 करोड़ रुपये के निर्माण टेंडर जारी किए हैं। इससे क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस परियोजना के तहत ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो लाइन-5 को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही मेट्रो-5ए के जरिए कल्याण और उल्हासनगर को भी नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
धामणकर नाका से रांजणोली तक होगा विस्तार
मेट्रो लाइन-5 के दूसरे चरण में भिवंडी के धामणकर नाका से रांजणोली जंक्शन और आगे भोईरवाड़ी तक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। धामणकर नाका से टेमघर तक का हिस्सा भूमिगत बनाने की योजना है, क्योंकि इस क्षेत्र में सड़कें संकरी और यातायात का दबाव अधिक है। शेष हिस्सा एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर बने कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा।
रांजणोली से दुर्गाडी चौक तक सड़क और मेट्रो को एक साथ जोड़ने वाले डबल डेकर ढांचे की भी योजना है। इससे सड़क यातायात और मेट्रो के लिए अलग-अलग स्तर पर जगह उपलब्ध कराई जा सकेगी।
मेट्रो-5ए से कल्याण और उल्हासनगर को जोड़ने की योजना
मेट्रो-5ए के तहत भोईरवाड़ी से कल्याण रेलवे स्टेशन और आगे उल्हासनगर तथा अंबरनाथ की दिशा में संपर्क विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित विस्तार में खड़कपाड़ा, भोईरवाड़ी और उल्हासनगर के आसपास के इलाकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के कुछ हिस्सों में एलिवेटेड मेट्रो और सड़क के लिए डबल डेकर संरचना प्रस्तावित है। इससे क्षेत्र के लोगों को सड़क यातायात के अलावा सार्वजनिक परिवहन का एक और विकल्प मिल सकेगा।
टेंडर की प्रक्रिया और आगे की समय-सीमा
एमएमआरडीए की ओर से तीन निर्माण पैकेजों के लिए निविदाएं जारी की गई हैं। इनमें वायाडक्ट, सुरंग, पुल और स्टेशन निर्माण से जुड़े काम शामिल हैं। निविदा दस्तावेजों के अनुसार, बोली जमा करने की प्रक्रिया 5 नवंबर से शुरू हुई है और 30 नवंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं। प्राप्त बोलियों को 2 दिसंबर को खोले जाने का कार्यक्रम है।
टेंडर जारी होने का अर्थ निर्माण कार्य तुरंत शुरू होना नहीं है। पहले बोलियों का मूल्यांकन और ठेकेदारों का चयन किया जाएगा। इसके बाद अनुबंध और निर्माण की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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