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नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी को झटके, टीएमसी का नाम-सिंबल फ्रीज और उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज किया, वहीं नंदीग्राम से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया

राहुल गुप्ता
कोलकाता, 19 सितंबर।

पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के सामने कई राजनीतिक और चुनावी घटनाक्रम सामने आए हैं। चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज कर दिया है। आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को उपचुनाव के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी ने आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

इसके अलावा नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। समर्थन के कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

चुनाव आयोग ने टीएमसी का नाम और सिंबल फ्रीज किया

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके पारंपरिक ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज करने का फैसला किया। यह कदम पार्टी के भीतर दो गुटों के बीच नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच उठाया गया।

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आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है।

ममता बनर्जी ने आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका में तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के फैसले को चुनौती दी गई है।

नंदीग्राम से ममता गुट की उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया

नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। उन्होंने नामांकन वापसी की अंतिम तारीख से एक दिन पहले यह फैसला लिया।

रिपोर्टों के मुताबिक, संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेने से पहले राज्य सचिवालय नबन्ना में मुलाकात की थी। इसके कुछ घंटे बाद उन्होंने चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया। उनके नामांकन वापस लेने के बाद ममता गुट के पास नंदीग्राम सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं रह गया।

ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार को दिया समर्थन, फिर हुई गिरफ्तारी

संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। इसके कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने हत्या मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

इस गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए। तृणमूल नेताओं ने इसे चुनावी प्रक्रिया से जोड़ते हुए विरोध जताया, जबकि पुलिस की कार्रवाई पुराने मामले से संबंधित बताई गई है।

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

इन घटनाक्रमों के बाद नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नंदीग्राम और रेजिनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।

ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग का अंतरिम फैसला और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका भी इस चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन गई है।

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