UPI Charges को लेकर जालंधर और पठानकोट में AAP ने प्रदर्शन किया
पवन कुमार टीनू ने केंद्र सरकार से नए MDR ढांचे को वापस लेने की मांग की
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 18 सितंबर | जालंधर और सुजानपुर में AAP कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जानिए ₹2,000 से अधिक के Merchant Transactions पर MDR से जुड़े नए नियम क्या हैं।

जालंधर में शहीद भगत सिंह चौक पर प्रदर्शन
जालंधर के शहीद भगत सिंह चौक पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व AAP नेता पवन कुमार टीनू ने किया। उन्होंने केंद्र सरकार के UPI से जुड़े नए Merchant Discount Rate (MDR) ढांचे की आलोचना की। टीनू ने कहा कि इससे व्यापारियों और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
AAP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार ने पहले लोगों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। अब पार्टी का आरोप है कि UPI से जुड़े कुछ व्यापारिक लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क की व्यवस्था की गई है।
UPI Charges को लेकर क्या है नया नियम?

इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से अलग स्थिति बताई गई है। सरकार के अनुसार हर UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लगाया गया है। Person-to-Person यानी P2P लेनदेन मुफ्त रहेंगे।
सरकार के अनुसार ₹2,000 तक के Merchant Payments भी शुल्क से बाहर रहेंगे। सरकार ने बताया है कि करीब 96 प्रतिशत P2M लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।
नए ढांचे के तहत ₹2,000 से अधिक के कुछ Merchant Transactions पर MDR लागू होगा। रिपोर्टों के अनुसार यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।
पवन कुमार टीनू ने सरकार पर लगाए आरोप

पवन कुमार टीनू ने कहा कि छोटे दुकानदार, व्यापारी, विद्यार्थी और आम लोग डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करते हैं। उनके अनुसार नए शुल्क से कारोबार की लागत बढ़ सकती है।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की। टीनू ने कहा कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया, तो AAP इस मुद्दे को पंजाब से दिल्ली तक उठाएगी।
हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। सरकार के अनुसार यह भुगतान प्रणाली से जुड़े पक्षों के बीच वितरित किया जाता है।
महंगाई के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा

प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने महंगाई का मुद्दा भी उठाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि आम लोग पहले से बढ़ती कीमतों का सामना कर रहे हैं।
AAP ने आरोप लगाया कि नए वित्तीय शुल्क से लोगों और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। पार्टी ने केंद्र सरकार से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।
नशे के मुद्दे पर BJP पर निशाना

प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने पंजाब में नशे के मुद्दे पर BJP की रैली को लेकर भी बयान दिए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पिछली अकाली-BJP सरकारों पर पंजाब में नशे की समस्या बढ़ने का आरोप लगाया।
AAP ने दावा किया कि पंजाब सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पार्टी ने तस्करों के ठिकानों पर कार्रवाई को अपनी सरकार की मुहिम का हिस्सा बताया।
ये आरोप और राजनीतिक दावे AAP की ओर से लगाए गए हैं। इनका उल्लेख पार्टी के बयान के रूप में किया जा रहा है।
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