राज्यपाल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर दिया जोर, उद्योग मंत्री ने ग्रामोद्योग पुरस्कारों की नकद राशि अगले साल से दोगुनी करने की घोषणा की।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 5 नवंबर। महाराष्ट्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए वर्ष 2047 तक का व्यापक विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप योजना बनाने का आह्वान किया है। इसके साथ ही राज्य में मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 10 गांवों में हनी विलेज योजना के तहत काम शुरू किया गया है। इस पहल के लिए करीब 5.10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्थानीय संसाधनों से विकसित होंगे ग्रामीण उद्योग
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा 3 नवंबर को मुंबई स्थित लोकभवन में आयोजित ग्रामोद्योग भरारी सम्मान पुरस्कार 2025 और 2026 समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध पारंपरिक कौशल, प्राकृतिक संसाधनों और उद्यमशीलता की संभावनाओं का प्रभावी उपयोग कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाने चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य के प्रत्येक जिले में वहां के स्थानीय कौशल और उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर उद्योग विकसित किए जाएं। वर्ष 2047 तक समृद्ध गांव, कुशल कारीगर, सशक्त महिलाएं और आत्मनिर्भर युवा उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।
राज्यपाल ने मुंबई में हर साल एक महीने का महाराष्ट्र खादी एवं ग्रामोद्योग महोत्सव आयोजित करने का सुझाव भी दिया। इसमें उत्पादों की प्रदर्शनी, फैशन शो और खरीदार-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रमुख स्थानों और हवाई अड्डों पर खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों के स्थायी बिक्री केंद्र तथा अलग डिजिटल मंच विकसित करने की जरूरत भी बताई। यह फिलहाल उनका सुझाव है।
10 गांवों में हनी विलेज योजना
महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल की हनी विलेज यानी मधाचे गाव योजना के पहले चरण में 10 गांवों का चयन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन, स्थानीय रोजगार और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके लिए करीब 5.10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
इस पहल के तहत ग्रामीणों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण, आवश्यक उपकरण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकता है।
अगले साल से दोगुनी होगी पुरस्कार राशि
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने घोषणा की कि ग्रामोद्योग भरारी पुरस्कारों की नकद राशि अगले वर्ष से दोगुनी की जाएगी। उन्होंने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
समारोह में वर्ष 2025 और 2026 के कुल 11 उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इन उद्यमियों ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यवसाय स्थापित किए और रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। मंडल के अध्यक्ष रवींद्र साठे ने बताया कि सम्मानित उद्यमियों की सफलता की कहानियों को संकलित कर पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा, ताकि दूसरे लोग भी उनसे प्रेरणा ले सकें।
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