कांग्रेस ने लोकतंत्र कमजोर किया और बार बार चुनाव होने से देश पर बड़ा आर्थिक बोझ डाला
पीएम मोदी जी के नेतृत्व में सभी भारतीय चाहते हैं देश में एक राष्ट्र -एक चुनाव की प्रकिया दोबारा शुरू हो
एक राष्ट्र – एक चुनाव से देश की जीडीपी में होगी 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी : बोले धनखड़
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 16 जनवरी। कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने स्वार्थ के लिए वर्ष 1970 में लोकसभा को समय से 15 महीने पहले भंग करवा दिया और 1971 में ही आम चुनाव करवा दिए, जो कि 1972 में होने चाहिए थे। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने सूरत में कपड़ा व्यापारियों द्वारा आयोजित विशाल जनसभा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार उस समय अल्पमत में थी। धनखड़ ने आगे कहा कि 1971 के बाद पांच वर्ष बाद 1976 में चुनाव होने चाहिए थे,लेकिन इंदिरा गांधी फिर अपने स्वार्थ के लिए एक वर्ष बाद 1977 में लोकसभा के आम चुनाव कराए। इससे कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया बदल गई। उन्होंने इस दौरान देश में आपातकाल लागू किया और कई राज्यों की सरकारों को मनमाने ढंग से बर्खास्त किया गया। इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव की नीति बदल दी। देश की जनता जनार्दन ने उनकी जनभावना विरोधी नीतियों का जमकर विरोध किया। उन्होंने देश में आपातकाल लागू कर दिया और देश के हित की बात करने वालों को जेलों में डाला गया और असहनीय यातनाएं दीं।

भाजपा राष्ट्रीय सचिव धनखड़ ने कहा कि आप सभी व्यापारी हैं और देश की आर्थिक प्रगति में आपका बड़ा योगदान रहा है। आप जैसे मेहनती लोगों की वजह से आज भारत अपने लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। मोदी जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को अब हर भारतीय ने अपना सपना मान लिया है। एक राष्ट्र एक चुनाव हर भारतीय के सपने को और तेज गति प्रदान करेगा।
धनखड़ ने कहा कि रामनाथ कोविंद कमेटी का अनुमान है कि देश में चुनावों पर चार लाख करोड़ से सात लाख करोड़ रूपये खर्च होते हैं। यदि एक साथ चुनाव हो तो लगभग एक तिहाई धन की बचत हो सकती है यानी डेढ़ लाख करोड़ रूपये। कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक की धनराशि। यह बचत राशि तेजी से देश के विकास का इंजन बन सकती है।

धनखड़ ने कहा कि मोदी जी के संकल्प के साथ देश के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षा है कि भारत विकसित राष्ट्र बने। इसके लिए जरूरी है कि विकास में अवरोधों को दूर करना। देश में बार बार चुनाव होने से आचार संहिता के कारण लगभग 80 दिन बाधित होते हैं। विधान सभा और लोकसभा चुनाव एक साथ होने से 40 कार्य दिवस अतिरिक्त मिलेंगे। वर्तमान में हमारी अर्थव्यवस्था की गति एक लाख करोड़ रूपये प्रतिदिन है। यदि चुनाव आचार संहिता का 20 प्रतिशत असर भी पड़े तो प्रतिदिन 20 हजार करोड़ रूपये की विकास गति धीमी पड़ जाती है। कुल 40 दिनों की आचार संहिता का यह आंकड़ा आठ लाख करोड़ रूपये तक पहुंचता है। जो देश की आर्थिक प्रगति में अवरोध है। चुनावों में डेढ़ करोड़ कर्मचारी कम से कम सात दिन लगाते हैं। जो लगभग साढ़े दस करोड़ कार्य दिवस बनते हैं। इसके अतिरिक्त तीन से चार गुणा राजनीतिक कार्यकर्ता भी अपना समय लगाते हैं। एक बार चुनाव होने से होने से साढ़े दस करोड़ कार्य दिवस बचेंगे। अगर एक व्यक्ति की उत्पादन क्षमता 1600 रूपये प्रतिदिन मानी जाए तो दो लाख 18 हजार 400 करोड़ रूपये की देश की अर्थव्यवस्था के अतिरिक्त उत्पन्न हो सकती है।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव धनखड़ ने कहा कि पांच वर्ष में एक बार चुनाव देश की राजनीति में स्थिरता पैदा करेंगे। जो लोकतंत्र में विकास की गारंटी है। बार बार चुनाव में लोकप्रिय घोषणा पत्र बनाने का दबाव राजनीतिक दलों पर कम होगा। लोकलुभावन वादों से पूंजीगत बजट पर प्रतिकूल असर पड़ता है। पूंजीगत बजट देश व प्रदेश के विकास इंजन बनता है। पैसे के चक्र को छह बार घुमाता है। जबकि राजस्व या फिक्सड डिपोजिट केवल दो बार घूमाता है। उन्होंने कहा कि आप सभी उद्यमी है अर्थव्यवस्था को बेहतर ढंग से समझते हैं। आप सभी जानते हैं बार बार आचार संहिता के कारण विकास कार्य रखते हैं, टेंडर प्रक्रिया रूक जाती हैं। जिससे हर वर्ग व व्यक्ति प्रभावित होता है।
धनखड़ ने जोर देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था देश की प्रगति का इंजन है। विकसित भारत मोदी जी का संकल्प और हर भारतीय सपना है। एक राष्ट्र, -एक चुनाव इसका एक प्रबल माध्यम है। कार्यक्रम में पहुंचने पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में सहित बड़ी संख्या में कपड़ा उद्यमी मौजूद रहे।