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अगर लेशमात्र लोकतंत्र की मर्यादा है तो एसडीएम हो ट्रांसफर और विधायक देवेन्द्र हंस पर मुकदमा वापस ले सरकार : दीपेन्द्र हुड्डा

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ये कैसा लोकतंत्र है जहां जनता की आवाज और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर ही मुकदमा कर दिया गया : दीपेन्द्र हुड्डा  

मौजूदा एसडीएम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगता है और इसमें भ्रष्टाचार की बू आती है : दीपेन्द्र हुड्डा

प्रजातंत्र का हनन बर्दाश्त नहीं करेंगे, हर स्तर पर लड़ाई के लिये तैयार : दीपेन्द्र हुड्डा 

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विधायक देवेन्द्र हंस ने विस्तार से पूरे मामले को बताया और मामले से जुड़े पूरे तथ्य रखे

न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने गुहला चीका से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पर गहरी नाराजगी जताते हुए मांग करी कि अगर लेशमात्र भी लोकतंत्र की मर्यादा है तो कांग्रेस विधायक देवेन्द्र हंस व अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमा तुरंत वापस लिया जाए और जनप्रतिनिधि की बात न सुनने वाले एसडीएम का तुरंत ट्रान्सफर किया जाए और इस मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बीजेपी सरकार के सभी मंत्रियों को झुनझुना दिया जाएगा। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि ये कैसा लोकतंत्र है जहां जनता की आवाज और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पर ही मुकदमा कर दिया गया।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दुनिया में कहीं भी सरकार हमेशा एक पार्टी की नहीं रहती। एसडीएम को कभी न कभी अपनी कार्यप्रणाली पर जवाब देना होगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि देश में संविधान का राज है। अगर एसडीएम को अधिकार है तो गुहला चीका से निर्वाचित जनप्रतिनिधि को भी अपनी बात कहने का अधिकार है। ऐसे में सरकार यदि ऐसा काम करेगी तो हर स्तर लड़ाई के लिये हम तैयार हैं। प्रजातंत्र का हनन बर्दाश्त नहीं करेंगे। पत्रकार वार्ता में मौजूद विधायक देवेन्द्र हंस ने विस्तार से पूरे मामले को बताया और इस मामले से जुड़े पूरे तथ्य रखे।

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार का प्रजातंत्र में कोई विश्वास नहीं है। गुहला चीका से कांग्रेस विधायक देवेन्द्र हंस ने एसडीएम को एक मांग पत्र दिया, जिसमें कहा गया था कि बिना सरकारी अनुमति के तेज रफ्तार से दुकाने बनायी जा रही हैं। लेकिन एसडीएम के संज्ञान में मामला लाने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की ठेकेदार को खुली छूट देते हुए जानबूझकर कोई फैसला ही नहीं किया। मौजूदा एसडीएम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगता है और इसमें भ्रष्टाचार की बू आती है। 

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि मौजूदा एसडीएम की कार्यशैली जनता और साथ ही एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान करने वाली है। जब विधायक देवेन्द्र हंस ने ईमानदारी से इलाके की आवाज उठायी तो SDM ने उन्हें अनुसना कर दिया। विधायक खुद मौके पर गये तो उन्हें 1 घंटे से ज्यादा इंतजार कराया गया। बीस-बीस बार एसडीएम को फोन करने पर उन्होंने विधायक जी का फोन तक नहीं उठाया।

अब एसडीएम राजनीतिक रूप से बयानबाजी कर रहे हैं। और तो और उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर सरकार के ईशारे पर उन्होंने विधायक देवेन्द्र हंस पर उलटा मुकदमा करवा दिया साथ ही विधायक के साथ मौजूद एक पत्रकार को भी नहीं बक्शा और पत्रकार के खिलाफ भी मुकदमा बनाया गया। 

 

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