यमुनानगर/ चंडीगढ़, 12 दिसंबर। गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर यमुनानगर लघु सचिवालय में शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के शामिल होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी शमशेर सिंह खरक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रही है।
खरक ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को देश में सबसे अधिक ₹408–415 प्रति क्विंटल गन्ना भाव दे रही है, जबकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार मात्र ₹330 प्रति क्विंटल, जो देशभर का सबसे कम रेट है, देकर किसानों का खुला शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों कर्नाटक में गन्ने का रेट बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने गन्ने से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में आग तक लगा दी, जो कांग्रेस सरकार की किसान-विरोधी नीतियों का सबसे बड़ा प्रमाण है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “सुरजेवाला जी हरियाणा के किसानों को गुमराह न करें। आप कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रहे हैं, वहाँ के किसानों को सबसे कम दाम देकर उनका शोषण किया जा रहा है—पहले वहाँ सुधार कीजिए, फिर हरियाणा आने की राजनीति कीजिए।”
खरक ने कहा कि कर्नाटक सरकार अपने “नज़दीकी गन्ना मिल मालिकों” को लाभ पहुँचाने के लिए किसानों के हक पर कुठाराघात कर रही है।
“हरियाणा में किसान हितैषी सरकार है, जो हर समस्या का त्वरित समाधान करती है। कांग्रेस का यह धरना किसानों का नहीं, बल्कि सुरजेवाला पार्टी में अपने वर्चस्व को बचाने के लिए, सिर्फ राजनीतिक मंच का मुद्दा है।” उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान जागरूक हैं और जानते हैं कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन सिर्फ फोटो-ऑप में व्यस्त रहता है।
कर्नाटक में ट्रैक्टरों को आग, टिकैत की चुप्पी पर शमशेर खरक के सवाल
कर्नाटक में हाल ही में गन्ना किसानों के उग्र प्रदर्शनों और 100 से अधिक ट्रैक्टरों को आग लगाए जाने की घटनाओं ने राज्य की कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर कर दिया है। इन्हीं घटनाओं पर शमशेर सिंह खरक ने कांग्रेस सरकार और स्वयंभू किसान नेता राकेश टिकैत पर भी सीधा प्रहार किया।
खरक ने कहा कि कर्नाटक सरकार द्वारा मात्र ₹330 प्रति क्विंटल गन्ना भाव तय करना किसानों के खिलाफ सबसे बड़ा अन्याय है।
उन्होंने तुलना करते हुए बताया—
हरियाणा : ₹415 प्रति क्विंटल
उत्तर प्रदेश : ₹400 प्रति क्विंटल
कर्नाटक (कांग्रेस सरकार) : ₹330 प्रति क्विंटल है
उन्होंने कहा—
“यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस शासित राज्य किसान हितों को प्राथमिकता देने में विफल हैं।” टिकैत की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए खरक ने कटाक्ष किया, “टिकैत जी की आवाज केवल भाजपा शासित राज्यों में ही क्यों उठती है? कर्नाटक में किसानों पर इतना बड़ा अन्याय हो रहा है, फिर भी वे मौन क्यों हैं? क्या कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाना उनके लिए मुश्किल है?”
उन्होंने कहा कि यह चुप्पी किसानों में संदेह पैदा कर रही है कि टिकैत केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार ही बयान देते हैं और कांग्रेस के लिए चुनावी माहौल तैयार करते हैं। खरक ने बताया कि कर्नाटक में 6.8 लाख हेक्टेयर में गन्ना खेती होने के बावजूद चीनी मिलों पर राजनीतिक प्रभाव इतना गहरा है कि किसानों को उचित मूल्य मिलना लगभग असंभव हो गया है।
उन्होंने माँग की, “कर्नाटक सरकार तत्काल गन्ने का भाव बढ़ाए, राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करे और किसानों को राहत दे। भाजपा देशभर के किसानों के साथ खड़ी है और कांग्रेस की किसान-विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करती रहेगी।”