Follow

भाजपा ने एचपीएससी नहीं, ‘हेरा फेरी सर्विस कमीशन’ बना रखा है, युवाओं की ‘रिजेक्शन पॉलिसी’ लागू : रणदीप सुरजेवाला

Listen to this article

न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़, 05 फरवरी 2026 : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) पर जमकर निशाना साधा है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने हरियाणा के युवाओं के लिए नौकरी की “सिलेक्शन पॉलिसी” नहीं, बल्कि “रिजेक्शन पॉलिसी” लागू कर रखी है।

PGT कम्यूटर साइंस भर्ती का हवाला देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि भर्ती की अधिसूचना 2019 में जारी हुई, बाद में 2023 में री-एडवर्टाइजमेंट (Advt. No. 26/2023 और 36/2023) किया गया। कुल पद: लगभग 1,711 (रेस्ट ऑफ हरियाणा कैडर में 1,633 + मेवात कैडर में 78)।हजारों उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, लेकिन अब 2026 में आए रिजल्ट में अधिकांश को फेल घोषित कर दिया गया। कई रिपोर्ट्स के अनुसार केवल मुट्ठी भर उम्मीदवार ही आगे बढ़ पाए, जबकि 5,000 से अधिक युवा रिजेक्ट हो गए।

Advertisement

सुरजेवाला ने कहा कि 8 साल तक युवाओं का समय, पैसा, सेहत और भविष्य दांव पर लगाकर रखा गया और अंत में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। यह धोखा नहीं तो और क्या है ?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला के मुख्यमंत्री नायब सैनी व भाजपा से प्रमुख सवाल :
1. क्यों भाजपा सरकार हरियाणा के युवाओं को सिर्फ चपरासी, क्लर्क या क्लास-4 की नौकरियों के लायक समझती है? ऊपरी पदों पर या तो फेल कर दिया जाता है या बाहर के लोगों को मौका मिल जाता है।
2. 8 साल की देरी के बाद ओवरएज हो चुके युवा अब क्या करें? उनके भविष्य को बर्बाद करने का जिम्मेदार कौन?
3. सोशियो-इकोनॉमिक क्राइटेरिया को हाई कोर्ट ने खारिज किया, फिर भी बार-बार पेपर पैटर्न बदलकर युवाओं को उलझाया जा रहा है। क्या यह नौकरी न देने का सुनियोजित षड्यंत्र है?
4. असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में भी सैकड़ों पद खाली थे, लेकिन केवल 151 ही सेलेक्ट हुए। एससी-बीसी आरक्षित सीटों पर भी बेहद कम सिलेक्शन। क्या हरियाणा का युवा हमेशा अयोग्य रहेगा?
5. नायब सैनी ‘परीक्षा पर चर्चा’ पर करोड़ों खर्च कर रहे हैं, लेकिन हरियाणा के युवाओं को रोजगार योग्य मानने से इनकार कर रहे हैं। यह दोहरा चरित्र क्यों?

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा का असली नारा है – ‘बातों से पेट भरो, नौकरी की बात मत करो’। हम हरियाणा के युवाओं के साथ खड़े हैं और इस रिजेक्शन पॉलिसी के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी जवाब दीजिए, हरियाणा के युवाओं का हक क्यों छीना जा रहा है ?

 

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh