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5100 का झूठा वायदा करने वाली बीजेपी सरकार गरीबों-किसानों की बुढ़ापा पेंशन काटने पर आई : अनुराग ढांडा

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बुढ़ापा पेंशन पर कैंची चलाकर भाजपा सरकार बुजुर्गों से छीनना चाह रही उनका सम्मान और हक़ : अनुराग ढांडा

फसल बिक्री को आय बताकर पेंशन काटने की तैयारी, किसान विरोधी फैसला तुरंत वापस लें सीएम : अनुराग ढांडा

सीएम नायब सिंह बुजुर्गों को इस उम्र में बेवजह की भागदौड़ और मानसिक प्रताड़ना झेलने पर कर रहे मजबूर : अनुराग ढांडा

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बुढ़ापा पेंशन कोई सरकारी एहसान नहीं बल्कि बुजुर्गों का संवैधानिक और सामाजिक अधिकार है, प्रस्तावित नियम तुरंत वापस ले सीएम नायब सिंह : अनुराग ढांडा

न्यूज़म ब्यूरो

 

चंडीगढ़: 16 जनवरी, 2026 : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने शुक्रवार को हरियाणा में बुजुर्गों की पेंशन नियमों में बदलाव को सीएम नायब सिंह सरकार की क्रूरता करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बुढ़ापा पेंशन के नियमों में बदलाव करके बीजेपी सरकार बुजुर्गों की थाली से निवाला छीनने की तैयारी में है। ऐसे बदलाव होने से हरियाणा के हजारों गरीब किसान और बुजुर्ग पेंशन से वंचित हो जाएंगे।

अनुराग ढांडा ने कहा कि अगर किसी बुजुर्ग के पास चार एकड़ से अधिक कृषि भूमि है या वह मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल बेचता है, तो सरकार उसकी पेंशन काटने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं, हरियाणा सरकार इतनी असंवेदनशील हो गई है कि 1.80 लाख की फसल बेचने पर किसान को संपन्न मानने लगी है। सीएम नायब सिंह गरीबी और अमीरी के बीच फर्क नहीं कर पा रहे हैं। वो यह भूल गए हैं कि फसल बेचने का अर्थ शुद्ध लाभ नहीं होता बल्कि इसमें किसान का श्रम, जुताई, बीज व खाद की खरीद भी शामिल होती है। जहां एक तरफ भाजपा किसानों को 5100 रूपए देने का झूठा वादा करती है वहीं गरीब किसानों की बुज़ुर्ग पेंशन तक छीनने की हद तक आ गई है।

अनुराग ढांडा बोले कि कई मामलों में बुज़ुर्ग के परिवार के अन्य लोगों की आय को भी जोड़े जाने की ख़बरें सामने आई हैं, जबकि वे परिवार से अलग रह रहे हैं। हरियाणा के गरीब बुज़ुर्ग इस फैसले से चिंता में पड़ गए हैं और सम्बंधित सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हो गये हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि सेवा करने की बजाय सीएम नायब सिंह बुजुर्गों को इस उम्र में बेवजह की भागदौड़ और मानसिक प्रताड़ना झेलने पर मजबूर कर रहे हैं।

अनुराग ढांडा ने कहा कि बुढ़ापा पेंशन कोई सरकारी एहसान नहीं बल्कि बुजुर्गों का संवैधानिक और सामाजिक अधिकार है। भाजपा सरकार पोर्टल और तकनीकी नियमों के नाम पर इस अधिकार को छीनने का काम कर रही है, जिसे आम आदमी पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। आम आदमी पार्टी हरियाणा के गरीबों और बुज़ुर्गों के साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में करीब 23 लाख बुजुर्ग बुढ़ापा पेंशन पर निर्भर हैं। सरकार अगर सच में सम्मान देना चाहती है तो पोर्टल की गलती का बोझ बुजुर्गों पर डालना बंद करे, वरना यह साफ़ माना जाएगा कि भाजपा सरकार बुजुर्गों और किसानों का निवाला छीनने की नीति पर चल रही है।

उन्होंने कहा कि बुढ़ापा पेंशन से जुड़े नियमों में प्रस्तावित सभी बदलाव तुरंत वापस लिए जाएं और खेती की कुल फसल बिक्री को आय मानने का नियम वापस लिया जाएं। साथ ही एक भी पात्र बुजुर्ग की पेंशन बंद न की जाए बल्कि सरकार इस पेंशन व्यवस्था को सरल और मानवीय बनाए।

 

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