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चंडीगढ़, 01 दिसंबर। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने आज राज्य सरकार की भावांतर भुगतान योजना पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे “किसानों को राहत देने का मात्र छलावा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के बजाय मात्र एक चुनावी स्टंट है, जिसमें पारदर्शिता की कमी और भुगतान में देरी जैसी कमियां हैं।
उन्होंने कहा, “भावांतर योजना के नाम पर किसानों को लूटा जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे फसलों का सही मूल्य मिलेगा, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो समय पर भुगतान हो रहा है और न ही गणना में निष्पक्षता। यह माया का छलावा है, जो किसानों की मेहनत को बर्बाद कर रहा है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 2017 में शुरू की गई थी, जो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार मूल्य के अंतर की भरपाई करने का वादा करती है। यह मुख्य रूप से धान, बाजरा, ज्वार और कपास जैसी फसलों पर लागू होती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, अब तक 2.5 लाख से अधिक किसानों ने लाभ उठाया है, और योजना से 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता वितरित हुई है। यह किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कदम है। यह सब आंखों में धूल झोंकने जैसा है। किसानों के साथ धोखा हुआ है उन्हें कहीं कोई राहत नहीं महसूस हुई। क्यों महेंद्रगढ़ रेवाड़ी के किसान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर मजबूर हुए।
उन्होंने योजना को “असफल और भ्रष्ट” करार दिया है। ऑनलाइन सिस्टम से किसान बेहद परेशान है ,क्योंकि हमारा साधारण किसान ऑनलाइन जैसी जटिल प्रक्रियाओं से अभी अच्छी तरह वाकिफ नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसानों को अंतर राशि 45 दिनों के बजाय महीनों बाद मिल रही है। गणना में बाजार मूल्य को कम आंकने का खेल चल रहा है। भाजपा किसानों के साथ छल कर रही है। यह वोट खरीदने का हथकंडा है। “वास्तविक समाधान MSP पर सीधी खरीद है, न कि यह छलावा।
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