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सहृदयता, प्रखर वक्ता और ओजस्वी कवि के रूप में अटल जी हमेशा याद किये जायेंगे : अजय मित्तल

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पंचकूला, 27 दिसंबर। भाजपा मुख्यालय पंचकमल के अटल सभागार में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती के अवसर पर अटल स्मृति सम्मलेन का आयोजन किया गया। सम्मलेन में अटल जी के जीवन, विचारों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को चलचित्र के माध्यम से दिखाया गया। जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, नगर महापौर कुलभूषण गोयल, सम्मलेन के संयोजक विशाल सेठ, सह संयोजक सुदेश बिड़लान, आशीष गुलेरिया सहित तमाम गणमान्य जनों ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।  
सम्मेलन में बोलते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, वाजपेयी जी अपनी सहृदयता, प्रखर वक्ता और ओजस्वी कवि के रूप में हमेशा याद किये जायेंगे। वाजपेयी जी का व्यक्तित्व, कार्य और नेतृत्व लम्बे समय तक देश के सर्वांगीण विकास का पथ-प्रदर्शक बना रहेगा। अजय मित्तल ने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प सभी ने लेना चाहिए। अजय मित्तल ने कहा, अटल जी के द्वारा दिखाए मार्ग पर चलते हुए भाजपा शासित हरियाणा सरकार जन सेवा के तमाम योजनाएं चला रही है, जिनमे परिवार पहचान पत्र, चिरायु योजना, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना, सक्षम युवा योजना, किसान समृद्धि योजना, वृद्धावस्था सम्मान भत्ता सहित तमाम योजनाओं से करोड़ों हरियाणा वासी लाभान्वित हो रहे है।  

अटल व्यक्तित्व और विचार की यात्रा विषय पर बोलते हुए सम्मेलन के संयोजक विशाल सेठ ने कहा, अटल जी अपनी सरल भाषा में अपनी बात लोगों के मन में आसानी से पहुंचा दिया करते थे। प्रत्येक भारतीय के दिलों की धड़कन अटल जी का सम्मान विपक्ष के सभी नेता करते थे और उनकी बात बड़े ही ध्यान से सुनते थे। पूरी दुनिया में अटल जी ने भारत के मान सम्मान को शिखर पर पहुंचाया। 

सम्मेलन में बोलते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा, वाजपेयी जी का जीवन एक खुली किताब की तरह है। बतौर प्रधानमंत्री वाजपेयी जी की बेहतरीन शासन व्यवस्था की ही देन है कि आज हम पूरे देश में सुशासन दिवस मना रहे है। अटल जी के प्रभावी व्यक्तित्व एवं ओजस्वी भाषण शैली से प्रभावित होकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वाजपेयी जी को संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की बात रखने के लिए भेजा, और वाजपेयी जी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में पहली बार विशुद्ध हिंदी में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया। अटल जी कहा करते थे, भारत जमीन का एक टुकड़ा मात्र नहीं, एक जीता जागता राष्ट्रपुरुष है। जीना है तो देश के लिए, मरना है तो देश के लिए अटल जी का मूल मंत्र था।

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सम्मेलन में बोलते हुए, नगर महापौर कुलभूषण गोयल ने कहा कि देश में पहली बार पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला वाजपेयी जी ने रखी। वाजपेयी जी देश के सबसे युवा सांसद रहे, उन्होंने अपनी लेखन शैली और कविताओं के माध्यम से हर भारतीय के दिल को जीता। सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे तमाम कार्यो की आज भी मिसाल दी जाती है।  

इस मौके पर पार्टी मुख्यालय पंचकमल के सामने बने अटल चौक पर वाजपेयी जी की स्मृति में दीये भी जलाए गए। सम्मेलन में जिला महामंत्री जय कौशिक, भवनजीत सिंह, शिवालिक बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, मार्किट कमेटी चेयरमैन देश राज पोसवाल सहित तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित रहे।

 
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