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कर्जत में 100 एकड़ में विकसित होगी ‘अनंत आश्रय’ टाउनशिप, 5 हजार लोगों को मिलेगा आजीवन सहारा

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नीता अंबानी ने किया भूमि पूजन; दिव्यांगों, अनाथ बच्चों और बुजुर्गों के लिए आवास, स्वास्थ्य और देखभाल की विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी उपलब्ध

न्यूज़म ब्यूरो 

कर्जत, 6 नवंबर। रायगड जिले के कर्जत में दिव्यांगजनों, अनाथ बच्चों और बेसहारा बुजुर्गों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन देने के उद्देश्य से 100 एकड़ में एक अनूठी टाउनशिप विकसित की जाएगी। रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस गैर-लाभकारी परियोजना के माध्यम से 5,000 से अधिक जरूरतमंद लोगों को जीवनभर आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएं और देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी।

15 हजार लोगों का बसेगा विशेष समुदाय

इस टाउनशिप में केवल आश्रय पाने वाले लोग ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल करने वाले कर्मचारी, चिकित्सा विशेषज्ञ और उनके परिवार भी रहेंगे। इस तरह यहां लगभग 15 हजार लोगों का एक विशेष समुदाय विकसित होने की उम्मीद है।

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नीता अंबानी ने कहा कि यह परियोजना उनके परिवार के लिए बेहद भावनात्मक और महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को घर देना है, जिन्हें जीवनभर विशेष देखभाल और सहयोग की आवश्यकता होती है। यहां उन्हें चिकित्सा सुविधाओं के साथ पारिवारिक माहौल, सुरक्षा और अपनत्व भी मिलेगा। निवासी प्रकृति के बीच रहकर शिक्षा, रोजगार, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकेंगे।

आठ नदियों के नाम पर बनेंगे आवासीय गांव

परियोजना के तहत आठ आवासीय गांव विकसित किए जाएंगे, जिनके नाम भारत की पवित्र नदियों पर रखे जाएंगे। प्रत्येक गांव की अपनी अलग रंग योजना, पहचान चिह्न और सेंसरी गार्डन होगा, ताकि निवासी आसानी से अपने आवास की पहचान कर सकें और स्वतंत्र रूप से आवाजाही कर सकें।

यहां छोटे पारिवारिक घरों में हाउस पेरेंट्स की देखरेख में निवासी रहेंगे। प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग केयर एंड डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाएगा, जिसकी हर छह महीने में समीक्षा होगी। इसके अलावा हर निवासी के साथ एक समर्पित की-वर्कर नियुक्त किया जाएगा, जो उसकी जरूरतों और देखभाल का समन्वय करेगा।

अस्पताल और आधुनिक थेरेपी सुविधाएं

टाउनशिप में विशेष अस्पताल बनाया जाएगा, जहां विकासात्मक चिकित्सा, मिर्गी उपचार, पैलिएटिव केयर और विशेष दंत चिकित्सा की सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

परिसर में एक समावेशी स्कूल भी बनाया जाएगा। इसमें विशेष जरूरतों वाले बच्चों के साथ-साथ यहां कार्यरत कर्मचारियों के बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

वंतारा की मदद से बनेगा विशेष फार्म

परिसर में वंतारा की विशेषज्ञता की मदद से एक विशेष फार्म विकसित किया जाएगा, जहां निवासी जानवरों के साथ समय बिता सकेंगे। इसके अलावा टाउनशिप में मंदिर, अस्पताल, खेल सुविधाएं और कैफे भी बनाए जाएंगे। इन सुविधाओं का लाभ आसपास के गांवों के लोगों को भी मिल सकेगा।

स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर

इस परियोजना से क्षेत्र के 1,000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार, शिक्षा और थेरेपी से जुड़े अवसर मिलने की संभावना है। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को रेस्पाइट केयर की सुविधा भी मिलेगी। इसके तहत उन परिवारों के देखभाल करने वालों को अस्थायी राहत दी जाएगी, जो लंबे समय से अपने परिजनों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस प्रकार ‘अनंत आश्रय’ का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन का अवसर देना है।

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