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हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को एमडीयू में सौंपा ज्ञापन

रोहतक, 28 नवंबर। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले आज हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढाण्ढा को प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के अंदर रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को भरवाने तथा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में 2018 से लेकर 2022 तक विश्वविद्यालय तथा उससे संबंधित कॉलेजों के खिलाड़ियों का रोका गया कैश अवार्ड फॉर स्पोर्ट्स किट को दिलवाने के लिए ज्ञापन सोपा।
शिक्षक भर्ती, खिलाड़ियों को कैश अवॉर्ड व छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग तेज
 
एमडीयू संयुक्त छात्र संघर्ष समिति की शिक्षा मंत्री से मुलाकात कहा : रुकी हुई भर्तियां जल्द करवाई जाए
 
खिलाड़ियों के रुके हुए कैश अवार्ड दिए जाएं, छात्रसंघ चुनाव बहाल किया जाए
 
 
रोहतक, 28 नवंबर। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले आज हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढाण्ढा को प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के अंदर रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को भरवाने तथा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में 2018 से लेकर 2022 तक विश्वविद्यालय तथा उससे संबंधित कॉलेजों के खिलाड़ियों का रोका गया कैश अवार्ड फॉर स्पोर्ट्स किट को दिलवाने के लिए ज्ञापन सोपा।
 
 
संयुक्त छात्र संघर्ष समिति (ASAP, INSO , ISO , SFI , CEM , AIDSO , DISHA , Jogender (Joga) आदि के छात्र संगठनों ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के प्रांगण में खिलाड़ियों को कैश अवार्ड व पुरस्कार राशि वितरित करने आए हुए हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढाण्ढा से मिलकर विश्वविद्यालय के अंदर रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों की ओर ध्यान दिलवाते हुए मांग की गई की विश्वविद्यालय के अंदर शिक्षक भर्तियां पारदर्शिता,समयबद्ध तथा संवैधानिक तरीके से करवाई जाए।
 
 
एएसएपी छात्र संगठन की ओर से हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर लंबे समय से शिक्षक भर्तियां रॉक के कारण नहीं हो पाई है जिसका सीधा-सीधा असर विद्यार्थी और शोधार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है जिसे हम पुरजोर तरीके से विरोध करते हुए आपसे मांग करते हैं कि विश्वविद्यालय में रुकी हुई भर्तियों को संवैधानिक तरीके से ओर साथ-साथ प्रदेश के सभी कॉलेज में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को जल्द से भरा जाए।
 
 
इनसो छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक कहा की प्रदेश के अंदर शिक्षण संस्थानों को लगातार शिक्षक तथा गैर शिक्षक पदों के खाली होने के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है दिन प्रतिदिन शिक्षा के क्षेत्र में हमारा प्रदेश पीछे रहा है इसके ऊपर विशेष ध्यान देते हुए विश्वविद्यालय कॉलेज के अंदर शिक्षा संबंधी सभी जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए।
 
 
एसएफआई राज्य उपाध्यक्ष अमित पिलाना ने कहा कि मदवि के अंदर इतिहास,संगीत तथा समाजशास्त्र जैसे विभागों के अंदर एक भी परमानेंट शिक्षक नहीं है जिसके कारण विभागों में सुचारू रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा छात्रों तथा शोधार्थियों को प्राप्त नहीं हो रही हैं। जिससे स्पष्ट होता हैं कि प्रत्येक वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में हमारे विश्वविद्यालय की रैंकिंग लगातार घटते हुए यहां पर दाखिला लेने वाले छात्रों की भी संख्या में गिरावट हो रही है। इसलिए हम मांग करते हैं कि विश्वविद्यालय के अंदर संवैधानिक तरीके से शिक्षक तथा गैर-शिक्षक भर्तियां करवाई जाए।
 
 
छात्र नेता जोगिंद्र (जोगा) कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर 2018 से लेकर 22 तक के छात्रों का खेल क्षेत्र में जुड़े कैश अवार्ड तथा उनका सपोर्ट्स किट नहीं दी गई है जो की उन खिलाड़ियों के साथ भेदभाव है हम माननीय शिक्षा मंत्री के माध्यम से चाहते हैं कि इस समय अंतराल के सभी खिलाड़ियों को उनकी सम्मानित राशि तथा अवार्ड दिए जाएं।
 
 
आईएनएलडी यूथ प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गोस्वामी ने कहा कि प्रदेश भर के अंदर लगातार बढ़ रही फ़ीस के ऊपर रोक लगाते हुए प्रदेश स्तर पर फीस रेगुलेटरी बोर्ड का निर्माण करवाया जाना चाहिए ताकि लगातार बढ़ रही फ़ीस पर अंकुश लगाते हुए ग्रामीण परिवेश से आने वाले मजदूर किसान परिवार वर्ग के छात्र इसका लाभ उठा सके।
 
 
एआईडीएसओ से प्रदेश सचिव उमेश मौर्य ने कहा कि प्रदेश के अंदर 1996 से छात्रसंघ चुनाव को बहाल किया जाना चाहिए ताकि विश्वविद्यालय और कॉलेज के अंदर छात्र संघ चुनाव में चुने हुए प्रतिनिधि शिक्षण संस्थानों के हक में कार्य करते हुए छात्र हित में कार्य कर सके। 
 
 
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा जी ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने छात्र नेताओं को आश्वस्त किया कि— ज्ञापन में उठाए गए प्रत्येक बिंदु को प्राथमिकता के साथ कंसीडर किया जाएगा, विभागीय स्तर पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी, और उचित समय सीमा में समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
 
 
मुलाकात के अंत में छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रस्तुत की गई माँगों पर निर्धारित समय में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है, और यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के छात्र जल्द ही सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

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