बोले: अंत्योदय परिवार उत्थान योजना आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरता का है मेला
मुख्यमंत्री ने लाडवा में अंत्योदय मेले का किया उद्घाटन, 19 विभागों की 47 योजनाओं का दिया पात्र लाभार्थियों को लाभ
प्रदेश में अब तक 166 जगहों पर अंत्योदय मेलों का हो चुका आयोजन
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 26 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत प्रदेशभर में लगने वाले अंत्योदय मेले आशाओं,अवसरों और आत्मनिर्भरताओं के मेले है। अंत्योदय मेलों के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि विकास के लाभ उन लोगों तक पहुंचाया जाए,जो दशकों से उपेक्षित रहे है। मेलों में एक मंच पर ही 19 विभागों की 47 योजनाओं का लाभ सीधा पात्र लाभार्थी को दिया जा रहा है। अहम पहलू यह है कि प्रदेश में अब तक 166 जगहों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन किया जा चुका है। जिनमें 4 लाख 24 हजार 278 परिवारों को आमंत्रित भी किया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा के आईजीएन कॉलेज में जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत लगाए गए मेले का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मेले में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के लाभ देने के लिए लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव गोबिंदपुरा निवासी लाभार्थी ताराचंद को पीएम स्ट्रीट वैंडर योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्रदान किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंत्योदय मेले के माध्यम से सरकार स्वयं चलकर उन गरीब जरुरतमन्द परिवारों के पास पहुंची है, जो अपने अधिकार और अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे। यह अंत्योदय मेला उस संकल्प का जीवंत स्वरूप है, जिसमें सरकार की प्रत्येक योजना, प्रत्येक संसाधन और प्रत्येक प्रयास अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के लिए है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय हमारे लिए केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति का संस्कार है। यानी सभी सुखी हों, सभी स्वस्थ हों और कोई भी दु:खी न रहे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने इसी भावना को अंत्योदय का नाम दिया। उनका विचार था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका प्रकाश अंतिम घर तक पहुंचे और उसकी गर्माहट अंतिम व्यक्ति अनुभव करे।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में डबल इंजन सरकार अंत्योदय के विचार को जमीन पर उतार रही है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है, कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा और किसी परिवार को केवल इसलिए आगे बढऩे से नहीं रोका जाएगा कि उसके पास साधन, संपर्क या सही जानकारी नहीं है। सरकार के लिए शासन का अर्थ केवल कार्यालयों में फाइलें चलाना नहीं है, बल्कि जनता की कठिनाइयों को समझना, समाधान को सरल बनाना और उस समाधान को जरूरतमंद के द्वार तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद परिवार को स्थायी आजीविका से जोडऩा है। स्वरोजगार, कौशल विकास, रोजगार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को एक मंच पर लाकर पात्र परिवारों को उनकी आवश्यकता और योग्यता के अनुसार अवसर प्रदान करना हैं। यहां परिवार को केवल आवेदन देकर वापस नहीं भेजा जाता। उसकी रुचि, क्षमता, परिस्थिति और आवश्यकता को समझकर उचित मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जाता है।
अब तक 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का हुआ सफल आयोजन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के पहले चरण में उल्लेखनीय यात्रा तय की है। प्रदेश में अब तक 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन किया गया है। इन मेलों के दौरान 4 लाख 24 हजार 272 परिवारों का आमंत्रित किया गया और 1 लाखा 88 हजार 792 परिवार मेलों में पहुंचे। इनमें से 1 लाख 52 हजार 157 परिवारों को विभाग के पास भेजा गया। उन्होंने कहा कि अब तक 55 हजार 422 पात्र लाभार्थियों तक आजीविका के लाभ पहुंचे है।
ऑटो मोड से 40 लाख परिवारों के बनाए गए बीपीएल कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं और सेवाओं को परिवार पहचान-पत्र से जोड़ा गया है। घर बैठे ऑटो मोड में अब तक लगभग 40 लाख परिवारों के बीपीएल कार्ड बनाए गये हैं। इसके अलावा गरीब परिवार को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-चिरायु योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। अब तक लगभग 30 लाख लोगों का 4 हजार 314 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त इलाज करवाया जा चुका है। सरकार ने किडनी के रोग से पीडि़त रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की है।
बेटियों को शादी पर दी 1523 करोड रुपए की शगुन राशि
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बहन-बेटियों की शादी पर 71 हजार रुपये तक शगुन राशि दी जाती है। अब तक 3 लाख 85 हजार बेटियों की शादी पर 1 हजार 523 करोड़ रुपये शगुन राशि दी गई। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। यह लाभ प्रदेश के लगभग 14 लाख 43 हजार परिवारों को मिल रहा है।
इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, एडीसी विवेक आर्य, एसडीएम अनुभव मेहता, चेयरमैन सुभाष कलसाना, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा डीडी, चेयरमैन गुरनाम सैनी, चेयरमैन रविंद्र सांगवान, जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, चेयरपर्सन साक्षी खुराना, चेयरमैन डा. गणेश दत्त, सतीश मथाना सहित अन्य मौजूद थे।
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