Follow

47 राष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले गांव को सही कोर्ट तक नहीं मिला, यह लापरवाही नहीं बल्कि प्रतिभाओं की हत्या : भगवंत मान

Listen to this article
शिकायतें पड़ी रहीं, बीजेपी सरकार सोती रही और बच्चा मर गया : भगवंत सिंह मान
 
पंजाब के CM भगवंत मान, AAP राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा और प्रदेश अध्यक्ष डॉ सुशील गुप्ता ने हार्दिक राठी के परिवार से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया
 
हार्दिक राठी की मौत कोई हादसा नहीं, हरियाणा के जर्जर खेल ढांचे की असल तस्वीर है : भगवंत मान
 
ऐसे हादसों को रोकने के लिए भारतीय खेल मंत्रालय सभी राज्यों से खेल मैदानों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगे : भगवंत मान
 
 
रोहतक/चंडीगढ़, 27 नवंबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह गुरुवार को रोहतक के लाखनमाजरा पहुंचे, जहाँ उन्होंने 16 वर्षीय राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार से मुलाकात कर दुख साझा किया। हार्दिक की बीते रोज अभ्यास के दौरान बास्केटबॉल पोल अचानक गिरने से मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने इस घटना को मात्र एक हादसा नहीं, बल्कि हरियाणा की बदहाल खेल व्यवस्था का परिणाम बताया, जिसने एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी का भविष्य और जीवन दोनों छीन लिया।
 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे खेल जगत का शोक है। एक उज्ज्वल खिलाड़ी रोज़ की तरह प्रैक्टिस करने निकलता है और वापस शव बनकर घर लौटता है, यह किसी भी संवेदनशील व्यवस्था में अस्वीकार्य है। ग्रामीणों ने कई बार मैदान की जर्जर स्थिति की शिकायतें कीं, फंड भी जारी हुए, लेकिन न तो पोल बदला गया, न मरम्मत हुई, और अब एक घर हमेशा के लिए उजड़ गया। मान ने कहा कि हरियाणा सरकार को इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि यह चूक नहीं, अपराध है। उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिलाने की मांग की।
 
 
पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बहादुरगढ़ में इसी प्रकार पोल गिरने से 15 वर्षीय खिलाड़ी अमन कुमार की हाल ही में हुई मौत का भी उल्लेख किया और कहा कि यह एक अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि ढहती खेल संरचनाओं का सबूत है। जब दो-दो युवा खिलाड़ी अभ्यास के मैदानों में मर रहे हों तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि खेल नीतियों पर चल रहा ढोल कितना खोखला है। उन्होंने कहा कि भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का दावा कर रहा है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित पोस्ट, ग्राउंड और नेट तक सुनिश्चित नहीं कर पा रहा।
 
 
सीएम भगवंत मान ने भारतीय खेल मंत्रालय से मांग की कि वह देशभर में सभी राज्यों से खेल मैदानों की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट मांगे और खस्ताहाल ढांचों की जाँच करवाए, ताकि अगला हार्दिक या अमन महज़ प्रैक्टिस करने जाते हुए मौत का शिकार न बने।
 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए 1194 करोड़ रुपये की लागत से 3100 से अधिक अत्याधुनिक स्टेडियमों का निर्माण चल रहा है। राज्य का खेल बजट बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये किया गया है और लगातार तीन वर्षों तक खेलो इंडिया (खेडा वतन पंजाब दीयां) के आयोजन ने लाखों खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाएँ देश की पूँजी हैं, जिनकी रक्षा और प्रगति सरकारों की पहली जिम्मेदारी है, न कि औपचारिक बयान देकर मुँह मोड़ लेना।
 
 
इस दौरे के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा और हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा में खेल सुविधाएँ खिलाड़ियों को मंच नहीं दे रहीं, बल्कि मैदान उनकी कब्रगाह बन रहे हैं। दो बच्चों की मौत कोई संयोग नहीं बल्कि व्यवस्था का पतन है, और जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि एक ओर सरकार खेल नीति के बड़े-बड़े दावे करती है, दूसरी ओर बच्चे अभ्यास में नहीं, लापरवाही में मर रहे हैं। अब चुप्पी नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए।
 
 

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh