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दिवाली से पहले महाराष्ट्र में 63.45 करोड़ रुपये का खाद्य पदार्थ जब्त, 954 लाइसेंस निलंबित

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दो महीने के अभियान में 9,667 प्रतिष्ठानों की जांच की। नकली खोया, घी के नाम पर वनस्पति वसा, मिलावटी मिठाई और एक्सपायरी सामान की दोबारा पैकिंग पर विशेष निगरानी रखी गई।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 6 नवंबर। दिवाली से पहले महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट के खिलाफ चलाए गए अभियान में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 63.45 करोड़ रुपये मूल्य का खाद्य स्टॉक जब्त किया है। 1 सितंबर से 3 नवंबर 2026 तक चले इस अभियान में राज्यभर के 9,667 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 954 खाद्य कारोबार लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित किए गए, जबकि 25 अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

एफडीए के आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 3,098.46 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री जब्त की गई। प्रशासन ने जांच के लिए 8,835 नमूने भी एकत्र किए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 4,603 सुधार नोटिस जारी किए।

किस खाद्य सामग्री की सबसे ज्यादा जब्ती

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जब्त खाद्य सामग्री के मूल्य में नमक, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। इनकी कीमत 21.09 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके बाद 16.31 करोड़ रुपये का खाद्य तेल जब्त किया गया। घी और खोया सहित दूध से बने उत्पादों की कीमत 7.63 करोड़ रुपये और सूखे मेवों की कीमत 7.47 करोड़ रुपये रही।

अभियान के दौरान मिठाई और त्योहारों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की जांच पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने नकली या मिलावटी खोया, पनीर और घी के नाम पर बेची जा रही वनस्पति वसा, मिठाइयों में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल और बार-बार तलने में उपयोग किए गए तेल की जांच की।

दिवाली के विशेष अभियान में 44.37 करोड़ का माल जब्त

15 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चलाए गए विशेष दिवाली अभियान में 3,332 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 326 लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित किए गए और 15 अन्य मामलों में लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस अवधि में 1,886.44 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 44.37 करोड़ रुपये बताई गई है। यह दो महीने के कुल जब्त माल के मूल्य का करीब 70 प्रतिशत है।

विशेष अभियान के दौरान 3,864 खाद्य नमूने भी जांच के लिए लिए गए। ग्रेटर मुंबई में 1,037 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण हुआ। यहां 76 लाइसेंस निलंबित किए गए और चार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मुंबई में 28.745 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री जब्त हुई, जिसकी कीमत 92.82 लाख रुपये थी।

ऑनलाइन ऑर्डर और क्विक-कॉमर्स स्टोर भी जांच के दायरे में

एफडीए की कार्रवाई केवल पारंपरिक दुकानों और बाजारों तक सीमित नहीं रही। सुपरमार्केट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और क्विक-कॉमर्स कंपनियों के डार्क स्टोर तथा पूर्ति केंद्रों की भी जांच की गई।

प्रशासन ने निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य उत्पादों की शेल्फ लाइफ का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा या समाप्ति तिथि तक कम से कम 45 दिन शेष होने चाहिए। प्रत्येक डार्क स्टोर और पूर्ति केंद्र के पास अलग वैध एफएसएसएआई लाइसेंस होना भी जरूरी है।

उपभोक्ता इन चीजों पर रखें नजर

एफडीए की जांच में सामने आए संभावित उल्लंघनों में सिंथेटिक खोया, घी या पनीर के नाम पर वनस्पति वसा, मिठाइयों में गैर-अनुमत रंग, चांदी के वर्क की जगह एल्युमिनियम फॉयल और पुराने खाद्य पदार्थों को नए गिफ्ट पैक में दोबारा पैक करना शामिल है। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

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