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61 घंटे बाद किसानों का आंदोलन खत्म, 4,200 रुपये प्रति टन गन्ना दर पर बनी सहमति

राजू शेट्टी के नेतृत्व में पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहा चक्काजाम आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। गन्ने के पहले भुगतान और बाद की अतिरिक्त रकम को लेकर चीनी मिलों के साथ समझौता हुआ।

राहुल गुप्ता

कोल्हापुर, 6 नवंबर। गन्ने के उचित मूल्य की मांग को लेकर स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन आखिरकार 61 घंटे बाद स्थगित कर दिया गया। कोल्हापुर जिले में गन्ने की कीमत को लेकर चीनी मिल संचालकों और किसान संगठन के बीच सहमति बनने के बाद पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर किणी टोल प्लाजा के पास जारी चक्काजाम समाप्त कर दिया गया।

समझौते के बाद राजू शेट्टी ने आधी रात के बाद आंदोलनकारी किसानों को संबोधित करते हुए आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। इसके साथ ही 6 नवंबर को प्रस्तावित कोल्हापुर बंद का फैसला भी वापस ले लिया गया। इससे तीन दिनों से प्रभावित राजमार्ग पर यातायात फिर से सामान्य होने का रास्ता खुल गया।

गन्ने के लिए 4,200 रुपये प्रति टन का प्रस्ताव

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गन्ने की कीमत पर बातचीत के दौरान चीनी मिलों की ओर से संशोधित प्रस्ताव रखा गया, जिसे संगठन ने स्वीकार कर लिया। समझौते के अनुसार किसानों को पहली किस्त के रूप में 3,900 रुपये प्रति टन दिए जाएंगे। इसके अलावा पेराई सत्र समाप्त होने पर 100 रुपये और अगले पेराई सत्र की शुरुआत से पहले 200 रुपये प्रति टन दिए जाने पर सहमति बनी है। इस तरह कुल भुगतान 4,200 रुपये प्रति टन तक पहुंचेगा।

जिलाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में चीनी मिलों के प्रतिनिधियों और किसान संगठन के पदाधिकारियों के बीच चर्चा हुई। बैठक में मंत्री हसन मुश्रीफ और विधायक प्रकाश आवाडे सहित अन्य प्रतिनिधि भी शामिल थे।

61 घंटे तक ठप रहा राजमार्ग

गन्ने के दाम को लेकर शुरू हुए आंदोलन के कारण पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर किणी टोल प्लाजा के आसपास यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस मार्ग से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों और यात्रियों को लंबी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ट्रक और अन्य वाहन रास्ते में फंसे रहे। आंदोलन का असर आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई और एसटी बस सेवाओं पर भी पड़ा।

आंदोलन के दौरान किसान संगठन ने मांग पूरी नहीं होने पर दूध और सब्जियों की आपूर्ति रोकने की चेतावनी भी दी थी। इससे मुंबई और पुणे सहित बड़े शहरों में आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।

कोल्हापुर बंद भी वापस

समझौते के बाद संगठन ने प्रस्तावित बंद वापस लेने का फैसला किया। आंदोलन समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहाल होने लगी। त्योहार के दौरान यात्रा कर रहे लोगों और मालवाहक वाहन चालकों को इससे राहत मिली।

राजू शेट्टी ने किसानों से समझौते के बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। अब किसानों को तय समझौते के अनुसार पहली किस्त और बाद की अतिरिक्त राशि मिलने पर नजर रहेगी।

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