अल नीनो के प्रभाव से बिगड़े हालात; जिला परिषद ने बनाई कार्ययोजना, छह अधिकारियों की समिति करेगी गांवों का दौरा
न्यूज़म ब्यूरो
नागपुर, 4 नवंबर। अल नीनो के प्रभाव के चलते नागपुर जिले में औसत से 36 फीसदी कम बारिश होने के कारण जल संकट की आशंका गहराने लगी है। जिले के 117 गांवों को क्रिटिकल जोन में रखा गया है। समय रहते उपाय नहीं किए गए तो इन गांवों में भीषण जल संकट पैदा हो सकता है। इसे देखते हुए जिला परिषद ने स्थायी समाधान की दिशा में कार्ययोजना तैयार की है।
छह अधिकारियों की समिति गठित
जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनि की अध्यक्षता में छह अधिकारियों की समिति गठित की गई है। यह समिति प्रभावित गांवों का दौरा कर पानी की किल्लत के कारणों, उपलब्ध जलस्रोतों, भूजल स्तर और मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करेगी। समिति का उद्देश्य केवल टैंकरों जैसी अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर रहने के बजाय स्थायी समाधान तलाशना है।
रामटेक से शुरू होगा निरीक्षण
पहले चरण में रामटेक तहसील के क्रिटिकल जोन वाले गांवों का निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारी पेयजल स्रोतों, कुओं की स्थिति, भूजल स्तर और भविष्य में पानी की जरूरत का आकलन करेंगे। इसके आधार पर प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग उपाययोजना तैयार की जाएगी।
जल संरक्षण और भंडारण पर जोर
क्रिटिकल जोन से गांवों को बाहर निकालने के लिए जल संरक्षण, जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और उपलब्ध जलस्रोतों के बेहतर प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी। इस संबंध में जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता अशोक घोंगे की अध्यक्षता में बैठक भी हुई, जिसमें सभी बीडीओ और उप अभियंता उपस्थित थे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की योजनाओं को लागू किया जाएगा।
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