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नागपुर में वोट डालने पहुंचे डॉक्टर, पता चला उनके नाम पर पहले ही हो चुका मतदान!

मतदाता सूची में दोहरे नामों को लेकर विवाद के बीच मामला सामने आया, कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भी 8,500 दोहरे नाम होने का आरोप लगाया

राहुल गुप्ता

नागपुर, 23 अक्टूबर। महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में दोहरे मतदाताओं को लेकर विवाद के बीच कथित फर्जी मतदान का एक मामला सामने आया है। दिघोरी इलाके के अमित प्राइमरी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर डॉक्टर प्रशांत गायकवाड वोट डालने पहुंचे, तो कर्मचारियों ने बताया कि उनके नाम पर पहले ही मतदान हो चुका है। हालांकि, गायकवाड ने मतदान रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षर को अपना मानने से इनकार किया और कहा कि उन्होंने अभी तक वोट नहीं डाला है।

हस्ताक्षर पर जताई आपत्ति, फिर मिली मतदान की अनुमति

डॉ. प्रशांत गायकवाड ने जब मतदान रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षर की जांच की, तो उन्हें वह किसी दूसरे व्यक्ति का लगा। उन्होंने मतदान केंद्र के कर्मचारियों से कहा कि हस्ताक्षर उनके नहीं हैं और उन्होंने मतदान भी नहीं किया है। शुरुआत में इस बात को लेकर विवाद की स्थिति बन गई।

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गायकवाड ने यह भी बताया कि उनकी उंगली पर मतदान की स्याही नहीं लगी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने वोट नहीं डाला, तो उनके नाम पर मतदान किसने किया। इसके बाद मतदान केंद्र के कर्मचारियों को गड़बड़ी का एहसास हुआ और उन्हें वोट डालने की अनुमति दे दी गई।

डॉ. गायकवाड ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई कि मतदाता सूची में दोहरे नामों की आड़ में कुछ लोग फर्जी मतदान करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति की पहचान या जानबूझकर फर्जी मतदान किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

मतदाता सूची में 8,500 दोहरे नाम होने का आरोप

इस बीच, कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने मतदाता सूची में उनके नाम समेत करीब 8,500 दोहरे नाम होने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे चिंता का विषय बताया।

दूसरी ओर, कांग्रेस के राज्य मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने दावा किया कि एक ही क्रमांक के आधार पर 22 हजार मतदाताओं का पंजीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को बार-बार चुनाव आयोग के सामने उठाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। लोंढे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि क्या आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा है।

मतदाता सूची में कथित दोहरे नामों और मतदान केंद्र पर सामने आए इस मामले को लेकर जांच की मांग की जा रही है। इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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