1.15 लाख से अधिक पात्र किसानों को आधार ऑथेंटिकेशन के लिए सूची में शामिल किया गया, अब तक 15.85 लाख किसानों के खातों में 13,275 करोड़ रुपये की कर्जमाफी राशि जमा
राहुल गुप्ता
मुंबई, 23 अक्टूबर। महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी को लेकर राज्य सरकार ने चौथी सूची जारी कर दी है। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना के तहत इस सूची में 1,15,697 पात्र किसानों को शामिल किया गया है। इन किसानों को आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा, ताकि योजना के तहत मिलने वाली राहत की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। सूची में ऐसे किसान भी शामिल हैं, जिनके एक से अधिक बैंकों में फसल ऋण खाते हैं और जिनका बकाया दो लाख रुपये तक है।
अब तक 15.85 लाख किसानों को मिली राहत
महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल के मुताबिक, बैंकों ने योजना के विशेष पोर्टल पर कुल 31.17 लाख बकाया ऋण खातों का डेटा अपलोड किया था। महाआईटी की ओर से कंप्यूटर प्रोसेसिंग और सत्यापन के बाद 15.85 लाख पात्र लाभार्थियों के खातों में अब तक 13,275 करोड़ रुपये की कर्जमाफी राशि सीधे जमा की जा चुकी है। इन लाभार्थियों ने अपना आधार ऑथेंटिकेशन पूरा कर लिया था।
चार सूचियों में 24.67 लाख किसानों के नाम
योजना के तहत अब तक चार सूचियों में कुल 24,67,130 पात्र किसानों के नाम जारी किए जा चुके हैं। सूचीवार आंकड़े इस प्रकार हैं।
- पहली सूची: 16,96,201 किसान
- दूसरी सूची: 4,19,737 किसान
- तीसरी सूची: 3,51,192 किसान
- चौथी सूची: 1,15,697 किसान
चौथी सूची संबंधित बैंक शाखाओं, प्राथमिक कृषि साख समितियों और ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध कराई गई है। पात्र किसान वहां अपना नाम और योजना से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।
किन किसानों को मिलेगा कर्जमाफी का लाभ?
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना के तहत उन किसानों को भी लाभ देने का प्रावधान है, जिन्होंने एक से अधिक बैंकों से फसल ऋण लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना में 31 मार्च 2026 तक के बकाया ऋण को आधार बनाया गया है। एक अप्रैल 2026 के बाद का ब्याज और अन्य अतिरिक्त शुल्क माफ किए जाने की बात भी कही गई है।
राष्ट्रीयकृत और व्यावसायिक बैंकों से जुड़े कुछ मामलों में यदि 31 मार्च 2026 तक किसान का बकाया दो लाख रुपये से अधिक है, तो सरकार की हेयरकट पॉलिसी के तहत भी कर्जमाफी का लाभ दिया जा सकता है।
आधार ऑथेंटिकेशन के लिए विशेष व्यवस्था
आधार प्रमाणीकरण में परेशानी का सामना कर रहे पात्र लाभार्थियों के लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। मृत पात्र किसानों के परिजनों, बुजुर्गों और ऐसे लाभार्थियों के लिए, जिनके फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो पा रहा है, 19 अगस्त 2026 को विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई थी।
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने पात्र किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी नजदीकी बैंक शाखा या आपले सरकार सेवा केंद्र पर जाकर आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करें। इससे सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों के ऋण खातों में कर्जमाफी की राशि हस्तांतरित करने में मदद मिलेगी।
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