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अपराध अपराध है, चाहे किसी भी पुलिस क्षेत्राधिकार में हो, कार्रवाई भी संयुक्त जिम्मेदारी से होगी : पंकज नैन

पुलिस कमिश्नर पंकज नैन की अध्यक्षता में हुई ट्राईसिटी क्राइम यूनिट्स मीटिंग में सुरक्षित ट्राईसिटी का नया रोडमैप तैयार: पंचकूला, मोहाली, चंडीगढ़, सोलन व अंबाला की क्राइम यूनिट्स के अधिकारी रहे शामिल

ज्वाईंट पेट्रोलिंग व मॉक ड्रिल से लेकर हथियारों और नशे की तस्करी के खिलाफ चलाया जाएगा संयुक्त अभियान, स्नैचिंग और चोरी में शामिल रहे आरोपियों तथा जमानत पर बाहर चल रहे अपराधियों पर रहेगी नजर

न्यूज़म ब्यूरो

पंचकूला, 17 अगस्त। ट्राईसिटी और आसपास के क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने, अपराधियों को पुलिस क्षेत्राधिकार की सीमाओं का फायदा उठाने से रोकने तथा अंतर्राज्यीय व अंतर-जिला समन्वय मजबूत करने की दिशा में आज पुलिस कमिश्नर पंकज नैन की अध्यक्षता में सेक्टर-4 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में ट्राईसिटी क्राइम यूनिट के साथ महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक पंचकूला अमरिंदर सिंह के अलावा चंडीगढ़, मोहाली (पंजाब), सोलन (हिमाचल प्रदेश) और अंबाला के डीएसपी स्तर के अधिकारी तथा विभिन्न क्राइम यूनिट्स के इंचार्ज शामिल हुए।

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बैठक में अपराध की रोकथाम के साथ वारदात के बाद अपराधियों तक न्यूनतम समय में पहुंचने के लिए संयुक्त एक्शन प्लान तैयार किया गया। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने स्पष्ट कहा कि अपराध, अपराध है चाहे वह किसी भी पुलिस क्षेत्राधिकार में हो। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई अपने-अपने क्षेत्र तक सीमित न रहकर संयुक्त जिम्मेदारी के साथ की जानी चाहिए। सीमाएं आपस में सटी होने के कारण अपराधी वारदात के बाद दूसरे क्षेत्र में प्रवेश कर बचने का प्रयास करते हैं। ऐसे में तत्काल सूचना साझा कर संयुक्त कार्रवाई जरूरी है।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अपराध होने की स्थिति में सभी पुलिस इकाइयों के बीच त्वरित समन्वय से अपराधी को दूसरे क्षेत्र की सीमा में प्रवेश कर फरार होने से पहले पकड़ा जा सकता है। बैठक में बॉर्डर एरिया के क्राइम हॉटस्पॉट्स पर संयुक्त पेट्रोलिंग, हथियारों और नशे की तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान तथा बिना नंबर प्लेट वाले और संदिग्ध वाहनों पर विशेष निगरानी का निर्णय लिया गया। साथ ही ऐसे ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरों की कवरेज बढ़ाने और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से अपराधियों के रूट को ट्रेस करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा आधुनिक सॉफ्टवेयर और तकनीकी संसाधनों की मदद ली जाएगी। इस व्यवस्था की हर महीने समीक्षा भी की जाएगी।

इसके अलावा स्नैचिंग और चोरी में शामिल रहे आरोपियों तथा जमानत पर बाहर चल रहे अपराधियों की स्थिति की नियमित जांच की जाएगी। संबंधित जिला पुलिस के साथ मिलकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। किरायेदारों के सत्यापन की प्रक्रिया को भी जिला पुलिस के समन्वय से और प्रभावी बनाया जाएगा।

बैठक में संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित करने सहित कई अन्य सुझावों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट साझा किए और सूचना तंत्र मजबूत करने पर सहमति जताई।

पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि उद्देश्य ऐसी संयुक्त पुलिसिंग व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें अपराधी किसी भी जिले या राज्य की सीमा को सुरक्षा कवच न बना सकें। सभी पुलिस टीमें क्षेत्राधिकार की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुटता से काम करेंगी, ताकि अपराध के बाद अपराधी तक जल्द पहुंचकर उसे कानून के शिकंजे में लाया जा सके।

 

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