Share Market Today: बाजार में लौटी रौनक! बुधवार के क्रैश के बाद सेंसेक्स 238 अंक मजबूत, निवेशकों ने निचले स्तरों पर की जमकर खरीदारी
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 10 जुलाई 2026 : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को हुई भारी तबाही (जिसमें निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए थे) के बाद, गुरुवार के ट्रेडिंग सेशन में शानदार रिकवरी देखने को मिली। निचले स्तरों पर हुई चौतरफा खरीदारी (Bargain Buying) और मजबूत ग्लोबल संकेतों के दम पर घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स Sensex 238.22 अंक (0.31%) की तेजी के साथ 76,741.82 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का Nifty 50 भी 80.75 अंक (0.34%) चढ़कर 23,962.80 के स्तर पर आ गया।
बाजार में रिकवरी को दर्शाता तेजी (Bullish trend) का प्रतीक
इंट्राडे में Sensex ने लगाई थी 800 अंकों की छलांग, आखिरी घंटे में हुई प्रॉफिट बुकिंग
गुरुवार को बाजार की शुरुआत काफी मजबूत रही थी। ट्रेडिंग के दौरान एक समय सेंसेक्स 823.05 पॉइंट तक उछलकर 77,326.65 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया था, जबकि निफ्टी ने एक बार फिर 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर (psychological level) पार कर लिया था। हालांकि, बाजार के आखिरी एक घंटे में ऊपरी स्तरों पर हुई मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण इंडेक्स ने अपनी शुरुआती बढ़त का एक बड़ा हिस्सा गंवा दिया।
Midcap और Smallcap स्टॉक्स ने किया आउटपरफॉर्म, इन सेक्टर्स में रही तेजी
बड़े इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट (Broader Markets) में ज्यादा दमदार एक्शन देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 2% तक की तेजी दर्ज की गई।
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Top Gainers: सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) सबसे ज्यादा मुनाफे में रहे।
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Top Losers: दूसरी ओर, इंफोसिस, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गजों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी (IT) सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जिसमें रियल्टी और पीएसयू (PSU) बैंकों ने सबसे शानदार वापसी की
Volatility में गिरावट: बाजार में डर को मापने वाला इंडेक्स India VIX करीब 10% गिरकर 13.27 के स्तर पर आ गया। बुधवार को इसमें 26% का बड़ा उछाल आया था, जिससे निवेशक सहम गए थे।
US-Iran Tension और Crude Oil पर टिकी हैं नजरें
बाजार के जानकारों (Market Analysts) का कहना है कि यह रिकवरी काफी हद तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से हुई करीब ₹1,962 करोड़ की शुद्ध खरीदारी और एशियाई बाजारों में आए सुधार की वजह से हुई। हालांकि, पश्चिम एशिया (West Asia) में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) अभी भी बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन हुए हमलों और कच्चे तेल (Brent Crude) के $78 प्रति बैरल के आसपास बने रहने की वजह से बाजार में अभी भी सावधानी का माहौल है। निवेशकों की नजरें अब आज से शुरू हो रहे जून-तिमाही के नतीजों (Q1 Earnings Season) पर टिकी हैं।
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