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HDFC Bank विवाद : पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे से उठे ‘Corporate Governance’ पर सवाल, MD ने तोड़ी चुप्पी

HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन जिन्होंने शेयरधारकों को इस पूरे मुद्दे की जानकारी दी

न्यूज़म ब्यूरो 

मुंबई/नई दिल्ली,12 जुलाई 2026 : देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के ऋणदाता (Lender) HDFC Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और सीईओ (CEO) शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) ने बैंक के पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) के अचानक इस्तीफे को एक “चुनौतीपूर्ण घटना” (Challenging Event) बताया है। बैंक की सालाना रिपोर्ट (Annual Report) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए जगदीशन ने स्वीकार किया कि इस इस्तीफे के बाद बैंक के Corporate Governance (कॉर्पोरेट गवर्नेंस) मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

क्या था पूरा विवाद ? 1985 बैच के पूर्व IAS अधिकारी अतनु चक्रवर्ती ने मार्च 2026 में अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल खत्म होने में एक साल से ज्यादा का समय बचा हुआ था। अपने इस्तीफे पत्र में चक्रवर्ती ने बैंक के भीतर “कुछ घटनाओं और प्रथाओं” (Happenings and practices) का हवाला दिया था, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता (Values and ethics) के अनुकूल नहीं थीं। उनके इस गुप्त (Cryptic) पत्र के बाद बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार में हड़कंप मच गया था।

बैंक ने बैठाई स्वतंत्र जांच (External Law Firms Review) गवर्नेंस पर उठे सवालों और निवेशकों की चिंताओं को दूर करने के लिए HDFC Bank के बोर्ड ने एक बड़ा कदम उठाया। चूंकि बैंक के ADR (American Depositary Receipts) न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) में भी लिस्टेड हैं, इसलिए बैंक ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर की स्वतंत्र लॉ फर्म्स (जैसे अमेरिकी फर्म Wilson Sonsini Goodrich & Rosati और भारतीय फर्म Wadia Ghandy & Co.) को इस मामले की जांच सौंपी।

जांच में क्या आया सामने ? MD शशिधर जगदीशन ने रिपोर्ट में बताया कि इन लॉ फर्म्स ने पिछले दो साल के बोर्ड मिनट्स, कम्युनिकेशंस और डॉक्यूमेंट्स की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही सभी स्वतंत्र निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों के इंटरव्यू भी लिए गए।

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लॉ फर्म्स ने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि अतनु चक्रवर्ती द्वारा अपने इस्तीफे में लगाए गए आरोपों और उनके निहितार्थों (Implications) का रिकॉर्ड या साक्ष्यों में कोई ठोस आधार नहीं मिला है। बैंक के मुताबिक, चक्रवर्ती को भी जांच टीम के सामने अपनी बात रखने के लिए कई बार आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे शामिल नहीं हुए।

नए चेयरमैन के साथ भविष्य की तैयारी विवादों को पीछे छोड़ते हुए HDFC Bank ने अब पूर्व वित्तीय सेवा सचिव (Financial Services Secretary) और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार (Rajiv Kumar) को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त कर लिया है। जगदीशन ने कहा कि बैंक देश में हाई-लेवल कॉर्पोरेट गवर्नेंस और रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नई लीडरशिप के साथ बैंक मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

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