तृप्ति भटनागर
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक विद्युत अधोसंरचना और सतत विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 जुलाई को मंत्रालय में जर्मनी के प्रतिष्ठित विकास वित्तीय संस्थान KfW बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्रिस्टियाने लाईबेक और कंट्री डायरेक्टर वूल्फन मूथ के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर राज्य में ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में दोनों पक्षों के बीच भविष्य की साझेदारी, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और आधुनिक तकनीक के उपयोग को लेकर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश आज निवेश, नवाचार और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से प्रदेश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा का केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में 200 मिलियन यूरो के सहयोग पर सकारात्मक संकेत
बैठक के दौरान KfW बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश में Energy Reform Phase-2 परियोजना के अंतर्गत लगभग 200 मिलियन यूरो (करीब ₹2,000 करोड़ से अधिक) के वित्तीय सहयोग में रुचि दिखाई। यह सहयोग मुख्य रूप से राज्य की विद्युत वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाने के लिए प्रस्तावित है।
इसके साथ ही कृषि क्षेत्र के लिए सौर ऊर्जा आधारित बिजली आपूर्ति को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने पर भी चर्चा हुई। योजना के तहत कृषि फीडरों को सौर घंटों के दौरान निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलने के साथ-साथ ऊर्जा लागत में भी कमी आएगी।
हरित ऊर्जा और आधुनिक बिजली व्यवस्था पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य का लक्ष्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना भी है।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के विस्तार से किसानों को दिन के समय गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी, डीजल और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ कृषि उत्पादन को भी नई मजबूती मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश
बैठक में यह भी स्पष्ट हुआ कि मध्य प्रदेश तेजी से वैश्विक निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों का भरोसेमंद साझेदार बनकर उभर रहा है। हाल के वर्षों में उद्योग, ऊर्जा, अधोसंरचना और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य ने कई बड़े निवेश आकर्षित किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि KfW बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थान की रुचि प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों और सुशासन का प्रमाण है। यदि यह वित्तीय सहयोग अंतिम रूप लेता है, तो इससे मध्यप्रदेश की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में एक और मजबूत कदम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ऊर्जा सुधार नीतियों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है।
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