भाजपा प्रवक्ता शंकर धूपड़ का अभय चौटाला पर तीखा प्रहार : विपक्ष मुद्दे उठाए, लेकिन भाषा की मर्यादा न लांघे
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 13 अप्रैल। हरियाणा की राजनीति में बयानों के बाण अब और भी पैने हो गए हैं। इनेलो नेता अभय चौटाला द्वारा हाल ही में मंडियों में दिए गए बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और प्रदेश प्रवक्ता शंकर धूपड़ ने चौटाला की शब्दावली को अहंकार का प्रतीक बताते हुए उन्हें मर्यादित राजनीति करने की नसीहत दी है। धूपड़ ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन अराजकता फैलाने और कानून तोडऩे की वकालत करना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।
कैथल और जींद की अनाज मंडियों में अभय चौटाला द्वारा इस्तेमाल की गई शब्दावली पर पलटवार करते हुए शंकर धूपड़ ने कहा कि लोकतंत्र में नाक रगड़वाने जैसे शब्दों का प्रयोग यह दर्शाता है कि इनेलो नेता राजनीतिक हताशा के दौर से गुजर रहे हैं। यह भाषा उनके बढ़ते अहंकार और गिरते राजनीतिक स्तर को उजागर करती है। धूपड़ ने याद दिलाया कि अभय चौटाला का विवादित बयानों से पुराना नाता रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भी उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी समर्थन के लिए उनकी चौखट पर नाक रगड़ेंगे, लेकिन देश की जनता ने उनकी ऐसी नौबत ही नहीं आने दी। आज फिर वे उसी अपमानजनक ढर्रे पर लौट आए हैं।
शंकर धूपड़ ने अभय चौटाला के उस आह्वान की भी कड़ी निंदा की जिसमें उन्होंने कथित तौर पर बिजली के मीटर तोडक़र जोहड़ों (तालाबों) में फेंकने की बात कही थी। भाजपा प्रवक्ता ने इसे समाज में अराजकता फैलाने की कोशिश करार दिया। न्होंने नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर लेकर मंडी में प्रवेश करना कानून की धज्जियां उड़ाना है। एक वरिष्ठ नेता को नियमों का पालन कर उदाहरण पेश करना चाहिए, न कि किसानों को गुमराह कर उन्हें कानून तोडऩे के लिए उकसाना चाहिए। बायोमेट्रिक प्रणाली और सरकारी नियमों के विरोध को धूपड़ ने प्रगति के आड़े आने वाली सोच बताया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा का किसान प्रगतिशील है और वह पारदर्शिता के लिए लागू की गई आधुनिक प्रणालियों का महत्व समझता है। विपक्ष केवल अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने के लिए भ्रम फैला रहा है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि हरियाणा की जनता अब विकास और सुशासन चाहती है, अराजकता और गुंडागर्दी के दिन लद चुके हैं। धूपड़ ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता से बाहर रहने के कारण अभय चौटाला अपना मानसिक और राजनीतिक संतुलन खो चुके हैं। शंकर धूपड़ ने अंत में इनेलो नेता को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपनी भाषा में संयम बरतना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को जनता चुनाव में करारा जवाब देगी, क्योंकि प्रदेश अब विकास और पारदर्शिता की राह पर आगे बढ़ चुका है।