चंडीगढ़, 2 सितम्बर। हरियाणा पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल के जरिये मोबाइल फोन ट्रेसिंग में इस वर्ष उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। 01 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2025 की अवधि में लगभग 4 हज़ार मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए गए। यह उपलब्धि हरियाणा को देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा करती है जहाँ तकनीक और पुलिस समन्वय ने आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाया है।
जिला स्तर पर सफलता
गुरुग्राम में सर्वाधिक 1,195 मोबाइल फ़ोन को उनके मालिकों को वापस लौटाए गए। सोनीपत ने इस क्षेत्र में 609 ,यमुनानगर में 288 मोबाइल फ़ोन लौटाए गए। हिसार, रेवाड़ी, सिरसा और पलवल जैसे जिलों ने भी अच्छे परिणाम देकर इस पहल को और मज़बूत बनाया है।
तकनीक और पुलिस की साझेदारी
इन आँकड़ों से यह स्पष्ट है कि हरियाणा पुलिस ने आधुनिक तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया को एकीकृत करते हुए मोबाइल ट्रेसिंग की प्रक्रिया को बेहद सरल और प्रभावी बनाया है। सीईआईआर पोर्टल ने न केवल चोरी और गुम हुए फोन की बरामदगी में मदद की है बल्कि लोगों के विश्वास को भी मज़बूत किया है। अब नागरिकों को लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ता, बल्कि कुछ ही कदमों में उनका मोबाइल ट्रेस हो सकता है।
क्या है प्रक्रिया
CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) भारत सरकार की एक व्यवस्था है, जिसका मकसद चोरी या गुम हुए मोबाइल फ़ोन का गलत इस्तेमाल रोकना है। हर मोबाइल का एक यूनिक 15 अंकों का IMEI नंबर होता है। जैसे ही कोई मोबाइल चोरी या खोने की शिकायत CEIR पोर्टल पर दर्ज की जाती है, उसका IMEI नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है। इससे वह मोबाइल किसी भी भारतीय नेटवर्क पर काम नहीं करता और अपराधियों के लिए बेकार हो जाता है।
इसके लिए पहले पुलिस में शिकायत दर्ज करनी होती है, फिर www.ceir.gov.in पर जाकर मोबाइल नंबर, शिकायत की डिटेल, IMEI नंबर और पहचान प्रमाण भरना होता है। जैसे ही किसी अन्य व्यक्ति द्वारा चोरी किये हुए मोबाइल में सिम कार्ड डाला जाता है तो इसका पुलिस थाने तथा मोबाइल के मालिक के पास एक अलर्ट जाता है। मोबाइल मिल जाने पर इसी पोर्टल से उसे अनब्लॉक भी कराया जा सकता है। इस पोर्टल से चोरी हुए मोबाइल की रिकवरी आसान होती है और नागरिकों की सुरक्षा भी बढ़ती है।
नागरिकों के लिए अपील
हरियाणा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम हो जाए या चोरी हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें अथवा सीधे सीईआईआर पोर्टल (www.ceir.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। मोबाइल का आईएमईआई नंबर दर्ज करने से फोन को ट्रेस करना आसान हो जाता है और उसके वापस मिलने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।
राहत और विश्वास का नया अध्याय
हरियाणा पुलिस का यह प्रयास न केवल तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासन और जनता के बीच समय पर सूचना और सहयोग से अपराध नियंत्रण और नागरिक सुविधा दोनों को सुनिश्चित किया जा सकता है। हजारों परिवारों को राहत दिलाकर CEIR पोर्टल ने यह साबित किया है कि डिजिटल युग में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई ही सुरक्षा और विश्वास की सबसे बड़ी गारंटी है।
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