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प्रदेश की कानून व्यवस्था के सुधार की सरासर अनदेखी, जनता भगवान भरोसे : सुशील गुप्ता

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हरियाणा सरकार का बजट 2026-27 एनप्रेक्टिकल और खाली वादों का पुलिंदा : सुशील गुप्ता

किसानों, युवाओं और गरीबों की अनदेखी : सुशील गुप्ता

हरियाणा सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और ग्रामीण विकास बजट में कटौती कर दिखाया अपना असली चेहरा : सुशील गुप्ता

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न्यूज़म ब्यूरो

चण्डीगढ़ : आम आदमी पार्टी (AAP) हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सुशील कुमार गुप्ता ने हरियाणा सरकार द्वारा पेश किए गए 2026-27 के बजट की कड़ी निंदा करते हुए इसे प्रदेश की जनता के साथ छलावा बताया । यह बजट न केवल जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता, बल्कि यह भाजपा सरकार की विफलताओं का एक और प्रमाण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रस्तुत 2.23 लाख करोड़ रुपये का यह बजट विकास के नाम पर सिर्फ जुमलों और दिखावे का संग्रह है, जिसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं और स्वास्थ्य-शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों की घोर उपेक्षा की गई है।

सुशील कुमार गुप्ता ने कहा कि हालांकि कुल बजट में वृद्धि10.28 की वृद्धि दिखाई गई है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण विभागों में पिछले साल के मुकाबले कटौती की गई है, जो मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में दिखती है। यह कटौती जनता की बुनियादी जरूरतों को प्रभावित करेगी।

. शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति विभाग में कटौती: – 2026-27 आवंटन: 20,500 करोड़ रुपये। – 2025-26 आवंटन: 21,295 करोड़ रुपये। – कटौती: 795 करोड़ रुपये (लगभग 3.7% की कमी) मॉडल परीक्षा केंद्रों का PPP मॉडल निजीकरण को बढ़ावा देगा, जो गरीब छात्रों के लिए बोझ बनेगा।
स्वास्थ्य विभाग में कटौती: अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाइयों की कमी बनी हुई है। फिर भी पिछले वर्ष के मुकाबले 9.5% की कटौती की गई है – 2026-27 आवंटन: 9,500 करोड़ रुपये। – 2025-26 आवंटन: 10,500 करोड़ रुपये । – कटौती: 1,000 करोड़ रुपये (लगभग 9.5% की कमी)। -‘हर नारी, स्वस्थ नारी’ योजना के तहत क्लीनिक्स और वैक्सीनेशन पर फोकस, लेकिन अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाइयों के लिए पर्याप्त वृद्धि नहीं, जो पहले से ही कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य सिस्टम को प्रभावित करेगा।

ग्रामीण विकास विभाग में कटौती: – 2026-27 आवंटन: 7,000 करोड़ रुपये। – 2025-26 आवंटन: 7,379 करोड़ रुपये। – कटौती: 379 करोड़ रुपये (लगभग 5.1% की कमी)।
राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों पर ग्रामीण निकायों के लिए अनुदान में कमी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की जरूरत बढ़ रही है।
5. परिवहन विभाग में कटौती: – 2026-27 आवंटन: 4,500 करोड़ रुपये। – 2025-26 आवंटन: 5,000 करोड़ रुपये । – कटौती: 500 करोड़ रुपये (10% की कमी)। परिवहन विभाग में यह कटौती आमजन को प्रभावित करेगी।

किसानों की अनदेखी: हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन इस बजट में किसानों के लिए कोई ठोस राहत नहीं है। हरियाणा एग्री डिस्कॉम जैसी नई कंपनी का ऐलान तो किया गया है, लेकिन यह किसानों की बिजली समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। बजट में MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी, कर्ज माफी या फसल विविधीकरण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। Rs 500 करोड़ का एग्री-टेक फंड ड्रोन और नैनो यूरिया पर फोकस करता है, लेकिन यह छोटे किसानों की पहुंच से बाहर है। पिछले सालों की तरह, बाढ़ प्रभावित किसानों को कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया। भाजपा सरकार किसानों को सिर्फ वादों से बहलाती रही है, जबकि आत्महत्याओं और कर्ज के बोझ में वृद्धि हो रही है।विश्व बैंक से Rs 2,716 करोड़ का क्लीन एयर प्रोजेक्ट अच्छा कदम है, लेकिन प्रदूषण की जड़ें – पराली और इंडस्ट्री – पर कोई सख्त नीति नहीं। Rs 100 करोड़ का ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड सिर्फ शोपीस है, जबकि राज्य में जलवायु परिवर्तन से किसान तबाह हो रहे हैं।

युवाओं और रोजगार पर चुप्पी: राज्य में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन बजट में युवाओं के लिए कोई नई नौकरियां या स्किल डेवलपमेंट की बड़ी योजना नहीं है। एग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण का ऐलान एक दिखावा है, जो सेना से रिटायर्ड युवाओं की अनदेखी करता है। AI मिशन के तहत 1 लाख युवाओं को ट्रेनिंग का वादा अच्छा है, लेकिन इसके लिए बजट में पर्याप्त फंडिंग नहीं दिखती। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में MSME और स्टार्टअप्स के लिए Rs 500 करोड़ का ‘सक्षम’ फंड पुराने इंडस्ट्रियल एरिया को अपग्रेड करने का दावा करता है, लेकिन यह उद्योगों की गिरती स्थिति को नहीं सुधार पाएगा। भाजपा सरकार ने पिछले सालों में लाखों युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में पेपर लीक और भ्रष्टाचार ही बढ़ा है।

आर्थिक असमानता बढ़ाने वाला बजट: कैपिटल एक्सपेंडिचर Rs 28,205 करोड़ का है, लेकिन यह बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है, जो आम आदमी की पहुंच से दूर हैं। राज्य का प्रति व्यक्ति आय Rs 3,95,618 तक पहुंचने का दावा किया गया है, लेकिन हकीकत में गरीबी और असमानता बढ़ रही है। भाजपा सरकार ने 217 वादों में से 60 पूरे करने का दावा किया है, लेकिन जनता जानती है कि ये आंकड़े झूठे हैं। यह बजट अमीरों और कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने वाला है, जबकि गरीबों और मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं मिली।

बढ़ते अपराधों के बावजूद पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं :–पुलिस विभाग: – 2026-27 आवंटन: 7,200 करोड़ रुपये। – 2025-26 आवंटन: 7,588 करोड़ रुपये। – कटौती: 388 करोड़ रुपये (लगभग 5.1% की कमी)। जबकि अपराध दर और सुरक्षा जरूरतों में वृद्धि हो रही है।आज प्रदेश में फिरौती और रंगदारी मांगने जैसे अपराधों की बाढ़ आई हुई है, प्रदेश का व्यापारी और आमजन भयऔर आतंक के वातावरण में जीने को मजबूर है विदेश में बैठे अपराधी रोजाना प्रदेश में स्थान स्थान पर नित रोज नई नई घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं इस संवेदनशील समय में सरकार को चाहिए था कि वह वर्तमान बजट में पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान करें लेकिन सरकार की यह अनदेखी प्रदर्शित करती है कि इस गंभीर मुद्दे पर हरियाणा सरकार संवेदनशील नहीं है और उसे प्रदेश के व्यापारियों की जान और माल कोई परवाह नहीं है।

आम आदमी पार्टी हरियाणा इस विज्ञापन बजट को सिरे से खारिज करती है। और मांग करती है कि जनता की असली जरूरतों – जैसे किसानों को मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार – पर फोकस करे। हम दिल्ली और पंजाब मॉडल की तरह हरियाणा में भी ईमानदार शासन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा की इन जनविरोधी नीतियों का विरोध AAP सड़क से संसद तक करेगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।

 

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