Follow

उम्मीदवारों को आपराधिक विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य : देवेंद्र सिंह कल्याण

Listen to this article

चुनावों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 19 अप्रैल। हरियाणा राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने निर्देश देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आगामी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भाग लेने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अपने आपराधिक मामलों का पूर्ण विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र में दी गई जानकारी को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए आम मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना होगा, ताकि मतदाता जागरूक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

Advertisement

राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने बताया कि जिन उम्मीदवारों के विरुद्ध आपराधिक मामले लंबित हैं या पूर्व में दोषसिद्धि हुई है, उन्हें अपने संबंधित क्षेत्र में व्यापक प्रसार वाले कम से कम दो समाचार पत्रों, जिनमें एक हिंदी और एक अंग्रेज़ी हो, में तीन अलग-अलग तिथियों पर अपनी घोषणा प्रकाशित करनी होगी। यह प्रकाशन नाम वापसी की तिथि से लेकर मतदान से दो दिन पूर्व तक किया जाना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवारों को अपने आपराधिक विवरण की जानकारी स्थानीय टीवी चैनलों या केबल नेटवर्क पर भी तीन बार प्रसारित करनी होगी, जो मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व तक पूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि रिटर्निंग अधिकारी द्वारा ऐसे उम्मीदवारों को लिखित रूप में स्मरण पत्र जारी किया जाएगा और उम्मीदवारों को अपने प्रकाशित समाचार पत्रों की प्रतियां अंतिम चुनाव व्यय विवरण के साथ उपायुक्त को जमा करनी होंगी।

देवेंद्र सिंह कल्याण ने कहा कि यह प्रावधान केवल उम्मीदवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक दलों पर भी समान रूप से लागू होगा। यदि कोई राजनीतिक दल आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को मैदान में उतारता है, तो संबंधित उम्मीदवार को अपने मामलों की जानकारी पार्टी को देना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवारों के आपराधिक विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट, स्थानीय टीवी चैनलों तथा दो प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित करने होंगे। चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर सभी दलों को प्रकाशित घोषणाओं की कटिंग्स सहित अपनी अनुपालन रिपोर्ट उपायुक्त को प्रस्तुत करनी होगी।

देवेंद्र सिंह कल्याण ने कहा कि पारदर्शिता लोकतंत्र की आधारशिला है और इन प्रावधानों का उद्देश्य मतदाताओं को पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे सही और जागरूक निर्णय ले सकें। आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे उम्मीदवारों द्वारा प्रकाशित शपथपत्रों और घोषणाओं का अवलोकन अवश्य करें और 10 मई को अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करें।

What are your Feelings
Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Tap to Refresh