हरियाणा को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी नार्कोटिक्स यूनिट को किए दिशा निर्देश जारी
राज्य की अन्य एजेंसियों से लगातार तालमेल बनाकर नशे पर अंकुश पाने व लंबित मामलों मे ज्यादा से ज्यादा तस्करों को सजा करवाना बारे दिए आदेश
न्यूज़म ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा को नशा मुक्त बनाने और नशा तस्करों और उनके नेक्सस को तोड़ने को लेकर हरियाणा एनसीबी प्रमुख/अतिरिक्त महानिदेशक संजय कुमार की अध्यक्षता में संपूर्ण हरियाणा एनसीबी विभाग की हरियाणा पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन पंचकूला सैक्टर–6 में मीटिंग का आयोजन किया गया।
मीटिंग में प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए व नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए सभी एनसीबी हरियाणा के अधिकारियों व इंचार्जों को दिशा निर्देश दिए गए। एनसीबी प्रमुख ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए जन आंदोलन तैयार करने की ज़रूरत है। मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने PIT NDPS के तहत आदतन नशा तस्करों की नजरबंदी, NDPS मामलों मे रिकवरी, नशा तस्कर की प्रॉपर्टी अटैच करने और कमर्शियल नशे के मामलों को बढ़ाने के लिए सभी जिलों के संबंधित नोडल अधिकारियों, थाना अध्यक्षों और हरियाणा एनसीबी के इकाई प्रभारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा गया।

इस मीटिंग में सभी अधिकारियों को हरियाणा सरकार के “नशा मुक्त हरियाणा” के मिशन पर और बेहतर काम करने और प्रदेश को नशा मुक्त करने के लिए सभी से आह्वान किया गया।
नशे पर लगाम लगाने और ज्यादा से ज्यादा नशा तस्करों व ड्रग्स गैंग को पकड़ना
एनसीबी प्रमुख/ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने यह मीटिंग पिछले दिनों हुई राज्यस्तरीय एनकॉर्ड मीटिंग की निरन्तरता के संबंध मे ली। इस मीटिंग मे सभी यूनिट सुपरवाईजरी ऑफिसर्स और यूनिट इंचार्जों को उनकी टीम द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्यवाही करते रहने को कहा।
एनसीबी प्रमुख/ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने सभी यूनिटों के द्वारा इस वर्ष जनवरी से लेकर अप्रैल महीने तक किए गए कार्यों का ब्योरा लेते हुए ज्यादा से ज्यादा मात्रा मे वाणिज्य मामलों की संख्या मे वृद्धि करना, पिछले मुकदमों मे अभी तक नहीं पकड़े गए नशा तस्करों की गिरफ़्तारी करना, अदालतों मे लंबित मामलों मे ज्यादा से ज्यादा तस्करों को सजा करवाना शामिल है।

एनसीबी प्रमुख/ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने टीमो की कार्यप्रणाली के बारे मे भी विस्तार से चर्चा करी, कार्यक्षमता को बढाने बारे और उनके सामने आने वाली परेशानियों के बारे, समाज मे एनसीबी के द्वारा अपनी पेठ बढ़ाना, जागरूकता कार्यक्रमों को इन्टैलिजंस के रूप में इस्तमाल करने बारे, साइबर और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों के तहत नशा तस्करों को ज्यादा से ज्यादा गिरफ्तार करना शामिल रहा।
नशे से संबंधित डेटा का प्रयोग ज़रूरी, अन्य राज्य एजेंसियों से तालमेल बढ़ाना
एनसीबी प्रमुख / अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर कार्यक्रम शुरू किये जायेंगे और पता लगाया जाएगा कि ऐसे स्थानो पर नशा कहां से आ रहा है। इसके पीछे नशा तस्करो का कोई गैंग काम तो नही कर रहा है।
अगर ऐसा कोई गैंग सक्रिय है और जो अधिकोरी उसको पकडता है तो उसको 51000 की ईनाम की राशि देने की घोषणा की गई। मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए हरियाणा में जिला, रेंज और राज्य स्तर पर एंटी नारकोटिक्स सैल्स (ANCs) के साथ सहयोग बढ़ाना हैं।

एनसीबी प्रमुख संजय कुमार IPS ने बताया कि नशा पीड़ितों की मदद करने और अपने क्षेत्र में ड्रग पैडलिंग की गतिविधियों के बारे में जनता से जानकारी एकत्र करने के लिए प्रदेश में टोल फ्री एंटी–ड्रग हेल्पलाइन नंबर 9050891508, 1933 पहले ही शुरू की जा चुकी है।नशे के उद्देश्य से उपयोग की जाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री को रोकने के लिए राज्य के सभी केमिस्ट स्टोर के लिए एक मोबाइल ऐप ‘साथी’ तैयार किया गया है।एक अन्य मोबाइल ऐप ‘प्रयास’ का विकास किया गया है।इस ऐप में सभी नशा पीड़ितों का राज्यव्यापी डेटा तैयार किया जा रहा है और यह ऐप नशा तस्करों के बारे में जानकारी देने में भी मदद करेगा।वहीं, हम अब नशे और उसके उपयोग का डिजिटलकरण करेंगे ताकि उसी अनुसार आगामी कदम उठाएं जा सकें।वहीं उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि अलग अलग प्रकार के ड्रग्स जैसे फार्मा ड्रग्स और सिन्थेटिक ड्रग्स के बारे में हम अपडेट रहना और ज्यादा से ज्यादा नशा तस्करों को पकड़ा जा सकें।
इस मीटिंग में हरियाणा एनसीबी ब्यूरो प्रमुख एसपी मोहित हांडा और उप पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार, पंकज कुमार, जगजीत सिंह, सभी युनिट इंचार्ज व अन्य कार्यालय कर्मचारी शामिल हुए।