8,500 श्रद्धालुओं के लिए भोजन और अल्पाहार की व्यवस्था
दुर्गम क्षेत्रों से आए 6,500 आदिवासी श्रद्धालुओं को कराया भोजन
न्यूज़म ब्यूरो
नासिक, 31 अक्टूबर। सिंहस्थ कुंभ के ध्वजारोहण और महागोदाआरती समारोह में आस्था के साथ मानव सेवा की मिसाल भी देखने को मिली। मानव उत्थान सेवा समिति ने दुर्गम क्षेत्रों से आए करीब 6,500 आदिवासी श्रद्धालुओं सहित कुल 8,500 लोगों के लिए भोजन और अल्पाहार की व्यवस्था की। सुबह से शाम तक चले इस सेवा कार्य में समिति के करीब 400 स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।
आठ दिनों से जुटे थे स्वयंसेवक
सद्गुरुदेव श्री सतपालजी महाराज की प्रेरणा से कार्यरत समिति ने पालकमंत्री एवं कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन और सिंहस्थ प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह की अपील पर यह जिम्मेदारी संभाली। आयोजन की तैयारियों में मानव सेवा दल, मिशन एजुकेशन यूथ टीम और मानव धर्म प्रेमी पिछले आठ दिनों से जुटे हुए थे। वसई के महात्मा आचार्यानंदजी सहित विभिन्न स्थानों से आई साध्वियों के मार्गदर्शन में सेवा कार्य संपन्न हुआ।
भोजन में परोसी गई दाल, चावल और पूरी
शनिवार सुबह करीब 400 स्वयंसेवक गंगापुर रोड स्थित केटीएचएम महाविद्यालय मैदान में भोजन व्यवस्था संभालने पहुंचे। सुबह नौ बजे से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हुआ। उनका चाय और बिस्कुट से स्वागत किया गया। इसके बाद सुबह दस बजे से अलग-अलग काउंटरों पर भोजन वितरण शुरू हुआ। भोजन में दाल, चावल, मिश्रित सब्जी, पूरी और शिरा परोसा गया।
स्वच्छता, अनुशासन और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा गया। दोपहर डेढ़ बजे तक आदिवासी श्रद्धालुओं की पंगतें चलती रहीं। भोजन के बाद श्रद्धालु महागोदाआरती में शामिल होने के लिए गोदाघाट रवाना हुए। शाम को आरती से पहले गोदाघाट पर भी करीब 8,500 श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई।
तीन आश्रमों के जरिए सामाजिक गतिविधियां
मानव उत्थान सेवा समिति के नासिक में तीन प्रमुख आश्रम हैं। इनमें नासिक-पुणे रोड स्थित शिवाजीनगर का श्री हंस कल्याण धाम, तपोवन का सर्वधर्म मंदिर और सातपुर का श्री हंस ध्यान मंदिर शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से समिति आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियां संचालित करती है। सिंहस्थ कुंभ में अन्नसेवा के जरिए समिति ने सेवा और मानवता का संदेश दिया।
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