आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देने वाले पात्र प्राथमिक शिक्षकों की मांग पर प्रशासन ने लिया फैसला, सैकड़ों शिक्षकों को मिलेगा आर्थिक लाभ।
ठाणे। आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में काम करने वाले प्राथमिक शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांग आखिरकार पूरी हो गई है। अब पात्र शिक्षकों को एकस्तर पदोन्नति योजना के तहत पदोन्नति वाले पद की वेतनश्रेणी का लाभ मिलेगा। जिला परिषद प्रशासन ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को कार्यान्वयन के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इन क्षेत्रों के शिक्षकों को मिलेगा लाभ
शहापुर, भिवंडी और मुरबाड के आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत पात्र प्राथमिक शिक्षकों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत मोहन यादव ने 24 अक्टूबर को शहापुर, भिवंडी, मुरबाड, कल्याण और अंबरनाथ के गुट शिक्षा अधिकारियों को योजना लागू करने के निर्देश दिए।
प्राथमिक शिक्षकों के लिए मुख्याध्यापक का पद पदोन्नति वाला पद उपलब्ध होने के कारण नियमानुसार पात्र शिक्षकों को उसी पद की वेतनश्रेणी देने के आदेश दिए गए हैं।
2024 के शासन परिपत्र के बाद भी नहीं मिल रहा था लाभ
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 29 फरवरी 2024 को जारी शासन परिपत्र में आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन के तौर पर निकटवर्ती वरिष्ठ या पदोन्नति वाले पद की वेतनश्रेणी देने का प्रावधान किया था।
हालांकि, इस प्रावधान के बावजूद पात्र प्राथमिक शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। शहापुर, भिवंडी के कुछ हिस्से और मुरबाड के कुछ क्षेत्र पेसा के अंतर्गत आते हैं। यहां कार्यरत शिक्षकों को योजना का लाभ देने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।
शिक्षक संगठनों और विधायक ने की पैरवी
इस मांग को लेकर महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद और ठाणे जिला मध्यवर्ती प्राथमिक शिक्षक संघटना समिति लगातार प्रयास कर रही थीं। कोंकण विभागीय शिक्षक परिषद के अध्यक्ष गणेश पोतदार ने भी इस संबंध में पत्र दिया था।
इसके बाद विधान परिषद सदस्य निरंजन डावखरे ने 17 अक्टूबर 2026 को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने नांदेड़, गोंदिया और गढ़चिरौली जिला परिषदों की तरह यहां के पात्र शिक्षकों को भी योजना का लाभ देने की पैरवी की थी।
प्रशासन के फैसले के बाद शिक्षकों ने विधायक निरंजन डावखरे से मुलाकात कर आभार जताया। इस निर्णय से आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे पात्र प्राथमिक शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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