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बाबा साहेब विधिवेत्ता ही नहीं, बल्कि थे सामाजिक क्रांति के अग्रदूत : राव नरेंद्र सिंह

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नारनौल में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती का भव्य आयोजन, राव नरेंद्र सिंह व कर्मवीर सिंह बौद्ध रहे मौजूद 
न्यूज़म ब्यूरो
नारनौल/चंडीगढ़। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर पटीकरा नारनौल में एक भव्य, प्रेरणादायक एवं गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। डॉ भीमराव अंबेडकर नव युवक मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दोनों अतिथियों का घोड़ी बग्गी पर स्वागत किया गया । नारनौल में पहुँचने पर नसीबपुर स्थित राव तुलाराम शहीदी स्मारक पर पुष्प अर्पित किए व उसके पश्चात बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया ।
कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं बड़ी संख्या में आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा आयोजन स्थल बाबा साहब के विचारों, उनके चित्रों एवं प्रेरणादायक नारों से सुसज्जित रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह सामाजिक चेतना और जागरूकता से ओत-प्रोत नजर आया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राव नरेंद्र सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध ने शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दोनों नेताओं का आयोजकों द्वारा फूलमालाओं एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन, संघर्ष, शिक्षा और उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर राव नरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक महान विधिवेत्ता ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज के वंचित एवं शोषित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष के माध्यम से ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के विचारों को आत्मसात कर समाज में समानता, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा दें।

सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब द्वारा निर्मित भारतीय संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने का जो सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी आज हम सभी की है। उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक समरसता, भाईचारा और समान अवसर ही बाबा साहब के विचारों की वास्तविक पहचान है, जिसे हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और बाबा साहब के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं और महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन के रूप में दिखाई दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलने, सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने तथा समाज में समानता, न्याय और भाईचारे को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया। आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर महेंद्रगढ़ जिला अध्यक्ष सतवीर यादव झुकिया सहित कई पदाधिकारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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